केजीएमयू डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड ₹12 हजार से ₹30 हजार करने की मांग

23 Aug 2026

लखनऊ, 23 अगस्त। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी डॉक्टर केजीएमयू के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी की। डॉक्टरों की प्रमुख मांग वर्तमान में मिल रहे ₹12 हजार के मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करने की है।

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों और बढ़ते खर्च के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। डॉक्टरों की ओर से यह मांग लंबे समय से उठाए जाने की बात कही गई है। अपेक्षित समाधान नहीं होने के बाद अब उन्होंने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने केजीएमयू के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारी डॉक्टर नारेबाजी करते नजर आए और अपनी मांग पर जल्द निर्णय लिए जाने की अपील की।

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प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा डॉक्टरों को मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड रहा। डॉक्टरों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग को स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा राशि में उनके लिए आर्थिक प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है।

मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किए जाने से आसपास के इलाके में भी हलचल रही। उपलब्ध सूचना में प्रदर्शन के दौरान किसी अन्य विवाद या घटना की जानकारी नहीं दी गई है।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने वर्तमान स्टाइपेंड को लेकर स्पष्ट मांग रखी है। उनका कहना है कि उन्हें फिलहाल ₹12,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया जाना चाहिए।

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इस मांग के अनुसार डॉक्टर मौजूदा मासिक स्टाइपेंड में ₹18,000 की बढ़ोतरी चाहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को देखते हुए ₹12 हजार की राशि पर्याप्त नहीं है।

स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का मुद्दा ही प्रदर्शन का मुख्य आधार रहा। डॉक्टरों ने इसी मांग को लेकर केजीएमयू के गेट के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक मामला केवल स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं है। डॉक्टरों ने इसे उनके काम, जिम्मेदारियों और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले आर्थिक सहयोग से जुड़ा विषय बताया।

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उनका कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है। इसी वजह से डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी में डॉक्टरों की ओर से यह भी कहा गया है कि मांग पर अपेक्षित समाधान नहीं होने के बाद आंदोलन का रास्ता अपनाया गया।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है। डॉक्टरों ने कहा है कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

डॉक्टरों की ओर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। इसका अर्थ है कि मांग पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में विरोध को लगातार जारी रखने की बात कही गई है। फिलहाल प्रदर्शन का मुख्य केंद्र स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग है। डॉक्टरों का जोर अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने और शासन से इस मुद्दे पर निर्णय की मांग करने पर है।

डॉक्टरों का आंदोलन आगे बढ़ने की स्थिति में केजीएमयू की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में फिलहाल सेवाओं पर पड़े किसी निश्चित प्रभाव का विवरण नहीं दिया गया है।

केजीएमयू एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में डॉक्टरों के आंदोलन के आगे बढ़ने की स्थिति में अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर ध्यान बना हुआ है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार डॉक्टरों का प्रदर्शन स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर केंद्रित है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन के दौरान कितने डॉक्टर शामिल रहे या अस्पताल की कितनी सेवाएं प्रभावित हुईं। उपलब्ध सूचना में इस संबंध में कोई विशिष्ट आंकड़ा नहीं दिया गया है। डॉक्टरों की ओर से कहा गया है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनके अनुसार मौजूदा ₹12 हजार की राशि बढ़ते खर्चों के अनुरूप नहीं है।

इसी मांग को लेकर डॉक्टर अब खुले प्रदर्शन पर उतर आए हैं। मुख्य गेट के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध करना इस आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रहा। डॉक्टरों ने नारेबाजी के जरिए भी अपनी मांग दर्ज कराई।

उपलब्ध जानकारी में अब तक स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में केजीएमयू प्रशासन या शासन की ओर से किसी निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल डॉक्टरों की मांग और उनके प्रदर्शन की स्थिति ही सामने आई है।

केजीएमयू डॉक्टरों के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मासिक स्टाइपेंड है। डॉक्टर वर्तमान ₹12 हजार के स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए मौजूदा राशि कम है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने इस मांग को प्रशासन के सामने रखा और जल्द निर्णय की अपील की।

आंदोलन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार डॉक्टरों की मांग पूरी नहीं होने पर वे अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। आगे की स्थिति प्रशासन की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी।

प्रदर्शन के बाद अब डॉक्टरों की मांग पर केजीएमयू प्रशासन और संबंधित स्तर से निर्णय की प्रतीक्षा है। डॉक्टरों ने ₹30 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग रखी है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी अंतिम निर्णय, स्टाइपेंड बढ़ाए जाने या मांग को अस्वीकार किए जाने की सूचना नहीं है। इसलिए वर्तमान स्थिति में डॉक्टरों का प्रदर्शन और उनकी ₹12 हजार से ₹30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग ही प्रमुख घटनाक्रम है।