उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं के उद्यम को बढ़ावा मिल रहा है। लखीमपुर खीरी के फूलबेहड़ ब्लॉक के चेतन वीर सिंह ने गुड़ उत्पादन इकाई स्थापित कर न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 15 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
चेतन वीर सिंह ने वर्ष 2022 में गुड़ कोल्हू लगाकर अपने उद्यम की शुरुआत की। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 10 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसके जरिए उन्होंने अपना व्यवसाय स्थापित किया।
वर्तमान में चेतन वीर सिंह प्रतिदिन लगभग 200 क्विंटल गन्ने की पिराई करते हैं और 25 से 26 क्विंटल गुड़ का उत्पादन कर रहे हैं। उनके उत्पाद की मांग उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और बिहार से भी आ रही है। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार करते हुए गन्ने की खोई को सुखाने के लिए ड्रायर का उपयोग शुरू किया है, जिससे श्रम लागत में कमी आई है।
चेतन वीर सिंह अपने 6 एकड़ खेत में गन्ने की खेती करते हैं और अतिरिक्त गन्ना अन्य किसानों से खरीदते हैं। इस उद्यम से उन्हें लाखों रुपये की आमदनी हो रही है।
PMEGP योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। यह योजना विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती है। यह पहल स्वरोजगार और ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन के उदाहरण के रूप में सामने आई है।