पेट की सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत, लोहिया अस्पताल में युवक का हाथ काटना पड़ा

21 Aug 2026

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान 21 वर्षीय युवक का हाथ काटे जाने का मामला सामने आया है। फिरोजाबाद के करबला गली नंबर-1 निवासी अंकित राठौर के परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, पेट की सर्जरी के बाद अंकित के बाएं हाथ में संक्रमण फैल गया, जो लगातार बढ़ता गया। बाद में हाथ को कोहनी के पास से काटना पड़ा।

परिजनों का कहना है कि अंकित को भोजन नली में खाना फंसने और पेट में दर्द की शिकायत थी। इसी के बाद उसे 2 जून को लखनऊ ले जाया गया। 8 जून को उसकी सर्जरी हुई। परिवार के अनुसार, सर्जरी के बाद ड्रिप लगाए जाने के बाद उसके हाथ में तेज दर्द और सूजन शुरू हुई। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया।

परिजनों के मुताबिक, सर्जरी के बाद अंकित के हाथ में तेज दर्द और सूजन की शिकायत सामने आई। उनका दावा है कि शुरुआत में इन लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके अगले दिन हाथ काला पड़ने लगा।

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परिवार का आरोप है कि इस दौरान हाथ की स्थिति लगातार बिगड़ती रही और संक्रमण बढ़ता गया। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बाद में यह बताया कि शुरुआती घंटों में उपचार मिल जाता तो हाथ को बचाया जा सकता था।

उपलब्ध जानकारी में यही घटनाक्रम परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और उनके दावों के आधार पर सामने आया है। अस्पताल की ओर से इस मामले पर कोई पक्ष या स्पष्टीकरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

परिजनों का कहना है कि अंकित के बाएं हाथ में संक्रमण इतना बढ़ गया कि उसे बचाया नहीं जा सका। आखिरकार हाथ को कोहनी के पास से काटना पड़ा। 21 साल की उम्र में हाथ गंवाने के बाद अंकित अब अपने घर फिरोजाबाद लौट चुका है। परिवार के अनुसार, उपचार के दौरान उसकी स्थिति बिगड़ने के बाद हुई इस शारीरिक क्षति ने उसके सामने आगे के जीवन को लेकर नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अंकित का कहना है कि हाथ गंवाने के बाद उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उसने सरकार से उचित मुआवजा और नौकरी दिलाने की मांग की है।

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अंकित के अनुसार, हाथ कटने के बाद उसके लिए काम करके अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उसने सरकार से आर्थिक सहायता के साथ नौकरी की मांग रखी है।

उसकी मांग का आधार यह है कि हाथ गंवाने के बाद उसकी काम करने की क्षमता पर असर पड़ा है और परिवार के जीवन-यापन को लेकर भी चिंता पैदा हुई है। उसने सरकार से उचित मुआवजे की मांग करते हुए नौकरी उपलब्ध कराने की अपील की है।

दी गई जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के स्तर पर भी बात पहुंची थी। हालांकि उपलब्ध विवरण में इन नेताओं की ओर से मामले पर दिए गए किसी विस्तृत बयान का उल्लेख नहीं है।

इस वजह से अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया, चिकित्सकीय निर्णय और हाथ काटे जाने की परिस्थितियों के संबंध में उपलब्ध जानकारी फिलहाल मुख्य रूप से परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों पर आधारित है।

परिजनों के मुताबिक, अंकित राठौर को भोजन नली में खाना फंसने और पेट दर्द की शिकायत थी। इलाज के लिए उसे 2 जून को लखनऊ लाया गया। 8 जून को उसकी सर्जरी हुई।

सर्जरी के बाद ड्रिप लगाए जाने के बाद उसके बाएं हाथ में तेज दर्द और सूजन शुरू होने का दावा किया गया। परिवार का आरोप है कि इस स्थिति पर तत्काल गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद हाथ का रंग काला पड़ने लगा और संक्रमण बढ़ता गया।

परिवार के मुताबिक, बाद में डॉक्टरों ने कहा कि अगर शुरुआती घंटों में उपचार मिल जाता तो हाथ बचाया जा सकता था। इसके बाद स्थिति इतनी बिगड़ी कि हाथ को कोहनी के पास से काटना पड़ा।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंकित के परिजनों ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि हाथ में दर्द और सूजन जैसी शुरुआती शिकायतों को समय पर गंभीरता से नहीं लिया गया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच, जांच समिति की रिपोर्ट या अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों को इसी रूप में देखा जाना चाहिए।

मामले के सामने आने के बाद अंकित अब अपने घर फिरोजाबाद लौट आया है। परिवार के मुताबिक, हाथ कटने के बाद उसकी सबसे बड़ी चिंता अब भविष्य में रोजगार और जीवन-यापन की है।

अंकित ने सरकार से मुआवजे के साथ नौकरी की मांग की है। उसका कहना है कि हाथ गंवाने के बाद उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और उसे अपने साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायता की आवश्यकता है।