2027 की लड़ाई से पहले लोकदल ने खोले चुनावी पत्ते, इंडिया गठबंधन और ईवीएम दोनों पर किया बड़ा ऐलान

15 Jul 2026

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में लोकदल ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति सार्वजनिक की। पार्टी ने घोषणा की कि वह वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी। साथ ही चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' जैसे मुद्दों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया।

पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य किसान, मजदूर और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए काम करना है। लोकदल के नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव में इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकदल ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में प्रदेशव्यापी यात्रा शुरू की जाएगी। पार्टी के अनुसार यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में जाकर जनता से संवाद किया जाएगा और चुनावी सुधारों सहित किसानों, मजदूरों तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। पार्टी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य विभिन्न जनसरोकारों को लेकर लोगों के बीच पहुंचना और अपने राजनीतिक एजेंडे से उन्हें अवगत कराना है।

यह खबर भी पढ़े - फुटपाथ पर सो रही डेढ़ साल की मासूम अचानक हुई गायब, 150 सीसीटीवी फुटेज ने खोला ढाई लाख में सौदे की साजिश का राज

लोकदल ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी अपनी मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि वह ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने या फिर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती कराने की मांग उठाती रहेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने दावा किया कि यदि बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए या सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती हो, तो भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 100 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। यह दावा लोकदल की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया।

लोकदल ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव का भी विरोध जताया। पार्टी का कहना है कि ऐसी व्यवस्था लोकतांत्रिक जवाबदेही को प्रभावित कर सकती है और विपक्ष की भूमिका सीमित हो सकती है। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर भी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।

पार्टी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसान, मजदूर और आम जनता से जुड़े विषय उसके प्रमुख चुनावी एजेंडे में शामिल रहेंगे। इसके साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दों को भी अभियान के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।