पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार को छात्रों का प्रदर्शन चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर एक छात्रा से यौन उत्पीड़न और उससे जुड़ी अन्य अपुष्ट जानकारी प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुटे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और उग्र दिखाई दी, जब छात्रों के मिग-23 लड़ाकू विमान और सैन्य टैंक के ऊपर चढ़ने के वीडियो सामने आए।
कैंपस से सामने आए वीडियो में छात्रों के समूह प्रदर्शन करते और ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगाते दिखाई दिए। अन्य वीडियो में विश्वविद्यालय परिसर में कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी के दृश्य नजर आए। मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को अफवाह बताते हुए उनका खंडन किया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन की शुरुआत छात्रा से यौन उत्पीड़न से जुड़ी जानकारी के सोशल मीडिया और छात्र समूहों में प्रसारित होने के बाद हुई। इस जानकारी की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार, उसे इस तरह की किसी घटना की पूर्व सूचना नहीं मिली थी। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने बताया कि पुलिस को एलपीयू परिसर में छात्रों के जुटने की सूचना मिली थी। पुलिस ने छात्रों और छात्र संगठनों से बातचीत कर उनकी शिकायतों को समझने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बीच घटना को लेकर अलग-अलग दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। ऐसे में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वायरल जानकारी की वास्तविकता और उसके स्रोत की पड़ताल करना भी है।
प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो ने घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। वीडियो में कुछ छात्र परिसर में रखे मिग-23 लड़ाकू विमान और सैन्य टैंक के ऊपर चढ़े दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के समूह को नारेबाजी करते हुए भी देखा गया। उपलब्ध फुटेज में विश्वविद्यालय परिसर की कुछ खिड़कियों के शीशे और गमले टूटे हुए दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर आग लगी हुई भी नजर आई। मीडिया रिपोर्टों में विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचने और परिसर की कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की जानकारी दी गई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन का असर विश्वविद्यालय परिसर से बाहर भी दिखाई दिया। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन रात के बाद रविवार सुबह तक जारी रहा। हाईवे पर यातायात बाधित होने के कारण पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने छात्रों और छात्र संगठनों से बातचीत की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से घटना की जांच और छात्र सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- छात्रा से यौन उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़े दावों की सच्चाई सामने लाई जाए।
- घटना में शामिल बताए जा रहे व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
- मामले को दबाने की कोशिश के आरोपों की जांच की जाए और यदि कोई जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
- छात्राओं के हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
- प्रशासन और सुरक्षा से संबंधित छात्रों की शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए।
इन मांगों के बीच पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस की ओर से जांच के लिए विशेष टीम बनाए जाने और उसमें छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा के अनुसार, पुलिस को घटना की पहले से कोई जानकारी नहीं मिली थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि सोशल मीडिया पर अफवाहें चल रही थीं और उन्हीं के बाद छात्र बड़ी संख्या में एकत्र हुए। पुलिस ने छात्र संगठनों से बातचीत कर उनकी शिकायतों को सुना है। अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों द्वारा प्रशासन से जुड़ी शिकायतों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। पुलिस वायरल संदेश के स्रोत और उसमें किए गए दावों की वास्तविकता की भी जांच कर रही है। इस स्तर पर यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर आधिकारिक पुष्टि और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी को गलत, मनगढ़ंत और भ्रामक बताया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर ऐसी अफवाहें प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करने और आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली सूचना पर निर्भर रहने की अपील की है।
विश्वविद्यालय की ओर से प्रसारित दावों को खारिज किए जाने और पुलिस द्वारा जांच शुरू किए जाने के बीच मामले के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल जारी है। मामले की जांच को लेकर पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस टीम में पुलिस अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवालों और शिकायतों को जांच प्रक्रिया में शामिल करना है। हालांकि, यौन उत्पीड़न से संबंधित सोशल मीडिया दावों की आधिकारिक पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचने और कुछ वस्तुओं में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। वीडियो फुटेज में टूटे हुए शीशे, क्षतिग्रस्त गमले और आग से प्रभावित कुछ हिस्से दिखाई दिए। इन घटनाओं के संबंध में भी पुलिस की जांच जारी है। प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मार्ग बाधित होने और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के घटनाक्रम को यौन उत्पीड़न की सोशल मीडिया पर फैली जानकारी से अलग-अलग स्तर पर जांचा जा रहा है।