लखनऊ | रहीमाबाद थाना क्षेत्र के सुरगौला गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। सिरदर्द होने पर दवा लेने पहुंची छात्रा ने गलती से दर्द की गोली की जगह चूहे मारने की दवा की पुड़िया निगल ली। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलिहाबाद रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर रहीमाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई और जांच कर रही है।
सुरगौला गांव निवासी किसान रामपाल की 15 वर्षीय बेटी शेजल शुक्रवार सुबह करीब सात बजे सिरदर्द से परेशान थी। उसने अपनी मां जानकी से सिरदर्द की दवा मांगी। उस समय मां घर के काम में व्यस्त थीं। उन्होंने शेजल से किचन में ऊपर रखे डिब्बे से दवा निकालकर खाने को कहा। शेजल किचन में रखे डिब्बे तक पहुंची। बताया गया है कि उसी डिब्बे में दर्द निवारक गोलियों के साथ चूहे मारने की दवा की पुड़िया भी रखी हुई थी। छात्रा ने पुड़िया को दर्द की दवा समझ लिया और उसे निगल लिया। घटना के समय शेजल को यह जानकारी नहीं थी कि जिस पुड़िया को वह दर्द की दवा समझकर खा रही है, उसमें चूहे मारने की दवा थी।
चूहे मारने की दवा निगलने के कुछ ही देर बाद शेजल की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे घबराहट और बेचैनी होने लगी। बेटी की हालत बिगड़ती देखकर परिवार के लोग घबरा गए। परिजनों ने बिना देर किए उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों से यह जानकारी लेने की कोशिश की कि छात्रा ने कौन सी दवा खाई थी। इसी दौरान पिता रामपाल ने घर में रखे डिब्बे की जांच की। डिब्बे में दर्द की गोलियों के साथ चूहे मारने की दवा की पुड़िया मिली। इसके बाद परिजनों को पता चला कि शेजल ने गलती से दर्द की गोली की जगह जहरीली दवा निगल ली थी।
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डिब्बे में चूहे मारने की दवा मिलने के बाद परिजनों ने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी। छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलिहाबाद रेफर किया गया। परिजन शेजल को लेकर सीएचसी मलिहाबाद पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस तरह इलाज मिलने से पहले ही 15 वर्षीय छात्रा की जान चली गई। शेजल की अचानक मौत की खबर परिवार तक पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां जानकी समेत शेजल की तीन बहनें घटना के बाद से सदमे में हैं।
शेजल किसान रामपाल की बेटी थी। उसके परिवार में मां जानकी और तीन बहनों के अलावा बड़ा भाई आशीष भी है। आशीष गुजरात के सूरत में मजदूरी करता है। घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। 15 वर्षीय बेटी की अचानक मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
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घटना की जानकारी मिलने पर रहीमाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। घटना के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छात्रा की मौत दवा समझकर चूहे मारने की दवा निगलने के बाद तबीयत बिगड़ने से हुई।
इस घटना में सामने आया कि किचन में रखे एक डिब्बे में दर्द निवारक गोलियों के साथ चूहे मारने की दवा की पुड़िया भी रखी हुई थी। शेजल ने उसी डिब्बे से पुड़िया उठाई और उसे दर्द की दवा समझकर निगल लिया। घटना के बाद परिवार के सामने यह तथ्य आया कि जहरीली दवा और सामान्य दवा एक ही स्थान पर रखी हुई थीं। खासकर घरों में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवाओं को सामान्य दवाओं से अलग रखने और उनकी पहचान स्पष्ट रखने की जरूरत इस घटना के संदर्भ में सामने आती है। चूहे मारने की दवा जैसे जहरीले पदार्थ बच्चों की पहुंच से दूर रखने और उन्हें सामान्य दवाओं के साथ नहीं रखने की आवश्यकता भी इस घटना के विवरण में प्रमुख रूप से सामने आती है।
पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद परिवार शोक में है। पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है। सुरगौला गांव में हुई इस घटना में 15 वर्षीय शेजल ने सिरदर्द की दवा लेने के लिए किचन में रखे डिब्बे से एक पुड़िया उठाई थी। दर्द की दवा समझकर चूहे मारने की दवा निगलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।