लखनऊ में 243 भैंसों की 24 अगस्त को नीलामी, पुराने पशुपालक नहीं ले सकेंगे हिस्सा

22 Aug 2026

लखनऊ में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पकड़े गए 243 पशुओं की नीलामी 24 अगस्त को होगी। नीलामी में 241 भैंस, एक भैंसा और एक पड़िया शामिल हैं। नगर निगम ने प्रत्येक भैंस के लिए 20,500 रुपये की शुरुआती बोली तय की है। नीलामी में शामिल होने वाले बोलीदाताओं को 1,02,100 रुपये की धरोहर राशि नकद जमा करनी होगी।

नीलामी की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि जिन पशुपालकों से अभियान के दौरान ये पशु पकड़े गए हैं, वे खुद या किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से इन पशुओं की खरीद नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह की भागीदारी पर रोक का प्रावधान रखा है।

नगर निगम के अनुसार 24 अगस्त को नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इच्छुक बोलीदाता नीलामी से पहले संबंधित कांजी हाउस और गोशालाओं में जाकर पशुओं को देख सकते हैं। नीलामी की शर्तों और प्रक्रिया से संबंधित जानकारी नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी के कार्यालय से कार्यदिवस में प्राप्त की जा सकती है।

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प्रत्येक भैंस की बोली 20,500 रुपये से शुरू होगी। इसके बाद बोलीदाता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इससे अधिक राशि की बोली लगा सकेंगे। जिस व्यक्ति की बोली सबसे अधिक होगी, नीलामी संबंधित पशु उसके पक्ष में की जाएगी। नीलामी में कुल 243 पशु शामिल होंगे। इनमें 241 भैंस, एक भैंसा और एक पड़िया है।

नगर निगम ने नीलामी में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 1,02,100 रुपये की धरोहर राशि तय की है। यह राशि नकद जमा करनी होगी। नीलामी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद जिन प्रतिभागियों की बोली सफल नहीं होगी, उनकी धरोहर राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं, सबसे अधिक बोली लगाने वाले सफल बोलीदाता की जमा राशि आगे की प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम के पास रहेगी।

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नगर निगम के तय नियमों के अनुसार, यदि सफल बोलीदाता निर्धारित समय में पूरी रकम जमा नहीं करता है तो उसकी जमा राशि जब्त की जा सकती है। नीलामी के संबंध में तय शर्तों के आधार पर नगर निगम को प्रक्रिया निरस्त करने का अधिकार भी रहेगा।

नीलामी की शर्तों में पुराने पशुपालकों के लिए विशेष रोक लगाई गई है। जिन पशुपालकों से अभियान के दौरान पशु जब्त किए गए हैं, वे खुद नीलामी में बोली नहीं लगा सकेंगे।

इसके अलावा वे किसी रिश्तेदार, परिचित या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से भी इन पशुओं को खरीदने की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। नगर निगम ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भागीदारी दोनों पर रोक लगाई है।

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नीलामी के नियमों के अनुसार यह प्रावधान उन पशुपालकों पर लागू होगा, जिनसे अभियान के दौरान ये पशु पकड़े गए थे। नगर निगम की ओर से नीलामी की शर्तों में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे पुराने संचालक दूसरे व्यक्ति के माध्यम से भी पशुओं को खरीद नहीं सकेंगे।

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं को शहर के अलग-अलग कांजी हाउसों और गोशालाओं में रखा गया है। नगर निगम के उपलब्ध विवरण के अनुसार, अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं को छह अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है।

ऐशबाग कांजी हाउस: 20 भैंस और एक पड़िया

ठाकुरगंज कांजी हाउस: 40 भैंस

आलमबाग कांजी हाउस: 33 भैंस

पीजीआई कांजी हाउस: 31 भैंस

कान्हा उपवन गोशाला: 71 भैंस और एक भैंसा

राधा उपवन गोशाला: 46 भैंस

इन सभी स्थानों पर रखे गए पशुओं की संख्या मिलाकर कुल 243 पशु होती है। नगर निगम इन्हीं पशुओं को 24 अगस्त की नीलामी प्रक्रिया में शामिल करेगा। अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम ने पारा, बुद्धेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया था। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम को विरोध का सामना भी करना पड़ा।

17 अगस्त की कार्रवाई के दौरान टीम पर पथराव किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस घटना में नगर निगम कर्मचारियों के घायल होने और सरकारी वाहनों के शीशे टूटने की बात भी सामने आई।

इसके बाद अभियान के दौरान पुलिस और पीएसी की मौजूदगी बढ़ाई गई। 18 अगस्त को पारा और आसपास के इलाकों में फिर कार्रवाई की गई और बड़ी संख्या में पशुओं को कब्जे में लिया गया। इन पशुओं को बाद में अलग-अलग कांजी हाउस और गोशालाओं में पहुंचाया गया।

पकड़ी गई भैंसों को छुड़ाने की मांग को लेकर 21 अगस्त को बड़ी संख्या में वकील नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए पशुओं को छोड़ने की मांग उठाई थी। इसके बावजूद नगर निगम ने नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, सरकारी काम में बाधा डालने, टीम के साथ अभद्रता करने या हमला करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम की यह नीलामी पारा और आसपास के क्षेत्रों में चलाए गए अवैध डेयरी विरोधी अभियान के बाद हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत डेयरी संचालन, सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा और नालियों में गोबर एवं पशु अपशिष्ट डालने जैसी शिकायतों को लेकर नगर निगम कार्रवाई करता रहा है।

इसी कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए पशुओं को फिलहाल नगर निगम के कांजी हाउसों और गोशालाओं में रखा गया है। अब 24 अगस्त को उनकी नीलामी की प्रक्रिया तय की गई है।

इस नीलामी की शर्तों में पुराने पशुपालकों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भागीदारी पर रोक का प्रावधान शामिल है। इसके साथ ही बोली में शामिल होने वाले व्यक्ति को पहले 1,02,100 रुपये की धरोहर राशि जमा करनी होगी। प्रत्येक भैंस की शुरुआती बोली 20,500 रुपये रखी गई है।

नीलामी में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति संबंधित कांजी हाउस और गोशालाओं में जाकर पशुओं को पहले देख सकते हैं। नगर निगम ने नीलामी से संबंधित शर्तों और प्रक्रिया की जानकारी के लिए पशु कल्याण अधिकारी के कार्यालय से संपर्क का प्रावधान रखा है।

नीलामी में शामिल होने के लिए निर्धारित धरोहर राशि नकद जमा करनी होगी। सफल नहीं रहने वाले प्रतिभागियों की राशि वापस की जाएगी, जबकि सफल बोलीदाता की धरोहर राशि आगे की प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम के पास रहेगी।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में सफल बोलीदाता की ओर से पूरी रकम जमा नहीं किए जाने की स्थिति में जमा राशि जब्त की जा सकती है। साथ ही तय नियमों के तहत नगर निगम को नीलामी निरस्त करने का अधिकार रहेगा।