बारिश के बाद राजधानी लखनऊ के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति को लेकर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने आशियाना क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। गुरुवार को अचानक मौके पर पहुंचे मंत्री ने नाले और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बारिश के बाद पैदा हुई स्थिति और पानी की निकासी में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली।
मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई करने और जल निकासी व्यवस्था को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पानी जमा हो रहा है, वहां निकासी की व्यवस्था में देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही फील्ड में अधिकारियों की मौजूदगी और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी पर जोर दिया गया।
आशियाना पहुंचने के बाद मंत्री एके शर्मा ने नाले की स्थिति को मौके पर देखा और पानी की निकासी की व्यवस्था परखी। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली कि बारिश के दौरान किन स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही है और इसकी वजह क्या है।
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निरीक्षण के दौरान नालों में संभावित अवरोध को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि जल निकासी की व्यवस्था केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
मंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में अधिकारियों को लगातार भ्रमण करने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान पानी जमा होने की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने को कहा गया।
बारिश के बाद जलभराव की शिकायतों को देखते हुए मंत्री ने संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि जिन इलाकों में बार-बार पानी जमा होने की शिकायत सामने आती है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए।
निर्देशों के मुताबिक पानी जमा होने की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार विभागीय संसाधनों को मौके पर लगाया जाए, ताकि जलभराव की स्थिति को जल्द दूर किया जा सके।
मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सड़क, बाजार, रिहायशी इलाकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान नालों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लगातार दुरुस्त रखा जाना चाहिए।
बारिश के दौरान अचानक जलभराव की स्थिति पैदा होने पर केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय विभागीय टीमों को सक्रिय होकर मौके पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी को प्राथमिकता देने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। नालों में यदि किसी तरह का अवरोध मिलता है तो उसे तत्काल हटाने के लिए भी कहा गया, ताकि पानी की निकासी प्रभावित न हो।
मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जलभराव की शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अधिकारियों को बारिश के दौरान फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया। जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने और पानी की निकासी को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली, ताकि बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। मंत्री के आशियाना पहुंचने का मुख्य फोकस बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करना रहा। उन्होंने नाले की स्थिति देखने के साथ अधिकारियों से जलभराव और पानी निकासी से जुड़ी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को केवल रिपोर्ट के आधार पर स्थिति का आकलन करने के बजाय फील्ड में जाकर व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। जलभराव की शिकायत वाले क्षेत्रों में अधिकारियों की सक्रियता बनाए रखने और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
राजधानी में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नालों की सफाई, पानी की निकासी और संवेदनशील इलाकों की निगरानी को प्रमुखता देने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव के कारण सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इस पर भी मंत्री ने अधिकारियों का ध्यान दिलाया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में पानी जमा होता है, वहां आवश्यकता के अनुसार तत्काल संसाधन लगाए जाएं।
रिहायशी इलाकों और बाजारों में जलभराव की स्थिति बनने पर विभागीय टीमों को सक्रिय होकर पानी निकालने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य लोगों को जमा पानी के बीच से गुजरने की स्थिति से बचाना और प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी को प्राथमिकता देना है।