सिर्फ एक क्यूआर कोड और उड़ गए ₹19 हजार, लखनऊ में ऑटो चालक को बंधक बनाकर साइबर ठग ने मोबाइल से ले लिया डिजिटल लोन

18 Jul 2026

प्रदीप यादव। राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस को भी सतर्क कर दिया है। एक शातिर युवक ने ऑटो चालक को ऑनलाइन भुगतान और क्यूआर कोड दिखाने के बहाने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने चालक का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उसके नाम पर ₹19 हजार का डिजिटल लोन स्वीकृत करा लिया और फिर शहर के अलग-अलग एटीएम पर ले जाकर पूरी रकम निकलवा ली। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और कई घंटे तक उसे बंधक बनाए रखा।

वृंदावन कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने वजीरगंज थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वह ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके मुताबिक 5 जुलाई की रात करीब 8:29 बजे दौलतगंज स्थित प्रोफेसर कॉलोनी से एक युवक उनके ऑटो में बैठा और कैसरबाग चलने के लिए कहा।

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रास्ते में युवक ने किराया ऑनलाइन देने की बात कहते हुए क्यूआर कोड दिखाने को कहा। क्यूआर कोड स्पष्ट दिखाई न देने का बहाना बनाकर उसने चालक का मोबाइल अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद उसने चालक को 20 रुपये देकर पानी की बोतल खरीदने भेज दिया। जब अर्जुन वापस लौटे तो मोबाइल अब भी आरोपी के कब्जे में था।

कुछ ही देर बाद मोबाइल पर ₹18,500 और ₹500 खाते में आने के संदेश मिले। अर्जुन ने जब इस बारे में पूछा तो आरोपी ने उन्हें डांटते हुए चुप रहने और गाड़ी चलाते रहने के लिए कहा।

बाद में बैंक से जानकारी मिलने पर पता चला कि आरोपी ने उसी दौरान पीड़ित के नाम पर ₹19 हजार का डिजिटल लोन स्वीकृत करा लिया था। इसके बाद वही पूरी राशि बैंक खाते के जरिए निकाल ली गई।

कैसरबाग पहुंचने के बाद आरोपी ने पहले सहज जन सेवा केंद्र से नकदी निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने चालक से ₹300 नकद छीन लिए और उसके मोबाइल नंबर पर ₹200 का रिचार्ज भी करा लिया।

इसके बाद आरोपी चालक को अमीनाबाद, मौलवीगंज और चौक समेत कई इलाकों के एटीएम पर ले गया। उसने चालक का कार्ड होल्डर अपने कब्जे में ले लिया और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से पहले ₹10 हजार, फिर ₹8 हजार और बाद में ₹500 निकलवाए। पूरी रकम निकलवाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद जब अर्जुन कुमार बैंक पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से निकाली गई रकम के अलावा उनके नाम पर डिजिटल लोन भी स्वीकृत किया गया था। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ₹19 हजार का लोन लेकर उसकी पूरी राशि खाते के माध्यम से निकाल ली गई।

इस खुलासे के बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि साइबर ठग ने केवल बैंक खाते की रकम ही नहीं उड़ाई, बल्कि उनके नाम पर लोन लेकर भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

पीड़ित का आरोप है कि पूरी वारदात के दौरान आरोपी ने उन्हें कई घंटे तक अपने कब्जे में रखा। इस दौरान वह शहर के अलग-अलग इलाकों में एटीएम और दुकानों पर ले जाता रहा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता रहा, जिसके चलते वह डर के कारण कुछ भी नहीं कर सके।

पीड़ित की तहरीर पर वजीरगंज थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेनदेन और डिजिटल लोन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।