लखनऊ से अयोध्या, बाराबंकी, बस्ती, गोरखपुर और पूर्वांचल की ओर सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। वर्षों से सड़क हादसों और लंबे ट्रैफिक जाम के कारण बदनाम लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) के चार सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट अब इतिहास बनने की ओर हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से हाईवे को सुरक्षित बनाने की बड़ी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत एक फ्लाईओवर, दो आधुनिक अंडरपास और एक नए हाईटेक जंक्शन का निर्माण किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सितंबर 2026 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
एनएचएआई के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार सफेदाबाद, ददरा, सफदरगंज और भिटेरिया ऐसे स्थान हैं, जहां पिछले तीन वर्षों के दौरान सबसे अधिक गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद इन स्थानों का विस्तृत तकनीकी सर्वे कराया गया। सर्वे में सामने आया कि सड़क की संरचना, अनियोजित कट, यू-टर्न, स्थानीय यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बना रहता है। रिपोर्ट के आधार पर इन ब्लैक स्पॉट को स्थायी रूप से समाप्त करने की योजना तैयार की गई।
परियोजना के तहत सफेदाबाद में लगभग 140 मीटर लंबा और 19 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। फ्लाईओवर के दोनों ओर रैंप विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय यातायात और हाईवे पर चलने वाले वाहनों की आवाजाही अलग-अलग होगी। इस व्यवस्था से वाहनों को बिना रुके आवागमन मिलेगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी घटने की उम्मीद है।
योजना के अनुसार ददरा में 385 मीटर लंबा दो लेन लाइट व्हीकल अंडरपास बनाया जाएगा, जबकि भिटेरिया में 850 मीटर लंबा दो लेन अंडरपास तैयार होगा। इसकी चौड़ाई लगभग 40 मीटर और ऊंचाई 5.5 मीटर होगी, जिससे बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहन भी आसानी से गुजर सकेंगे। अंडरपास बनने के बाद स्थानीय लोगों को हाईवे पार करने की आवश्यकता कम होगी और गांवों से आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
हादसों के लिए चर्चित सफदरगंज जंक्शन को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा। यहां 44 मीटर चौड़ा और 370 मीटर लंबा आधुनिक जंक्शन बनाया जाएगा। नई डिजाइन के तहत वाहनों के मुड़ने, रुकने और हाईवे पर चढ़ने-उतरने की व्यवस्था अधिक सुरक्षित होगी। इससे दुर्घटनाओं के साथ-साथ लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
एनएचएआई ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मुख्यालय से स्वीकृति प्राप्त करने के बाद लगभग 130 करोड़ रुपये की परियोजना को अंतिम मंजूरी दी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुंबई की आईआरबी कंपनी को निर्माण कार्य सौंप दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सितंबर 2026 से निर्माण शुरू होने की संभावना है और लगभग एक वर्ष के भीतर परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ से अयोध्या, बाराबंकी, बस्ती, गोरखपुर और पूर्वांचल के अन्य जिलों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होने की उम्मीद है। ब्लैक स्पॉट समाप्त होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और स्थानीय लोगों को भी हाईवे पार करने तथा अपने गांवों तक पहुंचने में बेहतर सुविधा मिलेगी।