उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में शहर के अलग-अलग हिस्सों में आवासीय और व्यावसायिक विकास कार्य भी जारी हैं। हालांकि, कुछ परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला लखनऊ के ग्राम बाघामऊ स्थित शालीमार क्षेत्र से सामने आया है, जहां जमीन के मालिक ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन को पर्याप्त और संतोषजनक मुआवजा दिए बिना बिल्डर को सौंप दिया गया। पीड़ित का कहना है कि इस मामले को लेकर वह पहले ही न्यायालय का रुख कर चुके हैं और मामला फिलहाल विचाराधीन है।
पीड़ित इंदल कुमार के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के बदले निर्धारित मुआवजे से वह संतुष्ट नहीं थे। इसी कारण उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए न्यायालय में याचिका दायर की। उनका कहना है कि मामला अभी न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद संबंधित बिल्डर द्वारा विवादित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
इंदल कुमार
पीड़ित का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने से उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। जानकारी के अनुसार, फिलहाल मौके पर निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह अनिश्चितकाल तक निर्माण कार्य को बंद नहीं रख सकती और आगे की कार्रवाई कानूनी स्थिति के अनुसार की जाएगी।
पूरे मामले को लेकर पीड़ित पक्ष गोमती नगर विस्तार थाने पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित का कहना है कि जब तक न्यायालय में मामला विचाराधीन है, तब तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए।