राजधानी लखनऊ में देर रात वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी BMW कार की डिग्गी में बने विशेष लॉकर से 26 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद रकम 500-500 रुपये के नोटों की 52 गड्डियों में रखी हुई थी। कार में मौजूद तीन युवक नकदी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी। आयकर विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि BMW और उसके साथ खड़ी स्कॉर्पियो दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आशियाना थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान स्मृति उपवन के पास सोशल प्वाइंट रेस्टोरेंट के निकट एक BMW कार और एक स्कॉर्पियो संदिग्ध अवस्था में खड़ी दिखाई दीं। दोनों वाहनों के पास तीन युवक मौजूद थे।
पुलिस ने जब उनसे वाहनों के दस्तावेज मांगे तो वे आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी दौरान पुलिस की नजर कार में रखी नकदी पर गई, जिसके बाद तलाशी की गई।
तलाशी के दौरान पुलिस को BMW की डिग्गी में बने एक विशेष लॉकर का पता चला। लॉकर खोलने पर उसमें 500-500 रुपये के नोटों की 52 गड्डियां मिलीं। नकदी की गिनती करने पर कुल राशि 26 लाख रुपये निकली।
प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने बताया कि वे कार में रखी नकदी की गिनती कर रहे थे। हालांकि जब उनसे रकम के स्रोत और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान तीनों युवकों के बयान एक जैसे नहीं रहे। कभी नकदी को निजी लेनदेन की रकम बताया गया तो कभी किसी कारोबारी का पैसा होने का दावा किया गया। लेकिन किसी भी दावे के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। दस्तावेजों के अभाव और बदलते बयानों के कारण पुलिस ने मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी।
सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नकदी के स्रोत, स्वामित्व तथा उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद रकम किसकी है और उसे किस उद्देश्य से वाहन में रखा गया था। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस ने BMW कार में कुछ अन्य असामान्य बातें भी नोट कीं। वाहन की नंबर प्लेट पर 'California' लिखा हुआ था। इसके अलावा कार में 12 एम्पियर क्षमता का हूटर भी लगा मिला। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वाहन में इस तरह के बदलाव किस उद्देश्य से किए गए थे और क्या वे नियमों के अनुरूप थे।
सहायक पुलिस आयुक्त (कैंट) सुजीत दुबे के अनुसार, कार के पास मिले तीन युवकों की पहचान तेलीबाग निवासी शिवांशु पांडेय, आशियाना निवासी रोचमन वर्मा और सरोजनीनगर के पंडितखेड़ा निवासी रचित ठाकुर उर्फ अथर्व के रूप में हुई है। पुलिस उनकी पृष्ठभूमि, आर्थिक गतिविधियों और बरामद नकदी से उनके संबंधों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने BMW और उसके साथ मौजूद स्कॉर्पियो दोनों वाहनों को सीज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नकदी के स्रोत की पुष्टि, वाहन में किए गए बदलावों की वैधता और अन्य पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।