जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विकास भवन स्थित सभागार में जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को स्वगणना की कार्ययोजना और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। प्रशासन के अनुसार, यह स्वगणना प्रक्रिया 7 मई से 21 मई 2026 तक संचालित की जाएगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना दर्ज करेंगे।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करें और निर्धारित समयसीमा में स्वगणना सुनिश्चित करें। इसके लिए कार्यालय स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकतम संख्या में स्वगणना सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएं। ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रत्येक परिवार से एक सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करे और प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखे, जो आगे की प्रक्रिया में उपयोगी होगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जनजागरूकता बढ़ाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टॉप पर स्टैंडी, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री लगाई जाए। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों के साथ संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। बैठक में जनगणना निदेशालय से डॉ. गौरव पाण्डेय, उपासना गिरी, रमेश कुमार पाण्डेय एवं अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।