लखनऊ के सदर चिनहट तहसील में बड़े पैमाने पर जमीं माफियाओं द्वारा सुनियोजित तरीके से चल रहे सिंडिकेट जिसमे रजिस्ट्री किसी और गाटा संख्या में और कब्ज़ा सरकारी जमीन पर दिलवाया जा रहा है चाहे जमीन नगर निगम की हो या सिचाई विभाग की या फिर आवास संघ की या अन्य किसी और सरकारी योजना की ये भू माफिया सुनियोजित तरीके से उन लोगों को अपना शिकार बनाते है जिन्हे इन जमीनों की पूरी जानकारी नहीं होती है।
सबसे हैरानी की बात ये है की सो से ऊपर बीघों में जमीन पर कब्ज़ा होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की खामोशी ने सरकारी कार्यशैली पर सवाल खड़े किये है एनडीवी टुडे की सामाजिक जिम्मेदारी वाली इस मुहीम में हमने लगातार इन जमीन माफियाओं के इस खेल को उजागर किया है जिसके चलते जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और अन्य विभाग के हाई कमांड ने एक्शन में आकर इन जमीनों पर अपना कब्ज़ा वापिस लेने के आदेश के साथ इन जमीन के नटवरलाल को चिन्हित कर मुक़दमे के भी आदेश दिए है जिसके चलते पिछले महीने एक बीघा की जमीन पर नगर निगम का न सिर्फ बुलडोजर चला बल्कि अब उस जमीन पर तारबाढ़ के साथ जमीन पर पूर्ण रूप से कब्ज़ा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
साथ ही गैर जिम्मेदार रवय्ये वाले नगर निगम के लेखपाल और एसडीएम के भी तबादले हुए और 14 बीघा का तालाब जिसपे इन जमीन माफियाओं ने कब्ज़ा करवा दिया था पर भी अब न सिर्फ बुलडोजर चलने जा रहा है बल्कि इन माफियाओं पर प्रशाशनिक कार्यवाही की तलवार भी लटकती दिखाई दे रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन मामलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या फर्जीवाड़े के प्रमाण मिलते हैं, उनमें जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियमानुसार मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।