राजधानी के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित मटियारी चौकी में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पकडे पूछताछ की और चोरी के गहने भी बरामद कर लिए सक्रिय पुलिस ने इतनी सफलता के बाद भी न एफआईआर दर्ज की न ही किसी पर कोई कार्यवाही की पूरा प्रक्ररण जब सोशल मीडिया पर आया तब एक सप्ताह बाद एसीपी विभूति खंड सौम्य पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज करवाई
जानकारी के अनुसार, एक जून को हुई घटना में शिकायतकर्ता राजेश प्रसाद के घर से सोने-चांदी के गहने गायब हो गए थे। पूछताछ में उनके नाबालिग बेटे हर्ष ने बताया कि कॉलोनी निवासी आदित्य ने उसे बहला-फुसलाकर घर से जेवर निकलवाए और बाद में बंदूक दिखाकर गहने अपने कब्जे में ले लिए।
परिजनों का आरोप है कि आदित्य ने गहने अपने दोस्त लक्की को दे दिए, जिसने उन्हें बेच दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मटियारी चौकी पर आरोपियों को कई बार बुलाया गया। इतना ही नहीं, चोरी के गहने भी बरामद हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई दिन तक न तो आरोपियों के खिलाफ और न ही कथित तौर पर गहने खरीदने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
बताया जा रहा है कि मामला जब विभूतिखंड एसीपी सौम्या पांडेय के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने हस्तक्षेप किया। इसके बाद मंगलवार रात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
इस मामले में आदित्य और लक्की की कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हो रही है जिसमे लक्की ये कबूल कर रहा है की उसने सोना बेच दिया हालाँकि इसके बाद भी लक्की का नाम एफआईआर में शामिल न होना पुलिस कार्यवाही पर सवाल खड़ा करता है