राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में एक ही दिन दो बार हमले का मामला सामने आया है। जो की पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है पीड़ित सुनील कुमार उपाध्याय का आरोप है कि सोमवार सुबह उनके घर पर कई लोगों ने हमला किया। घटना की सूचना यूपी-112 और स्थानीय पुलिस को देने के बाद भी शाम के समय उनके ऊपर दोबारा जानलेवा हमला किया गया। दूसरी घटना में घायल होने के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया।
सुनील द्वारा चिनहट कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, सोमवार सुबह करीब सात बजे विक्रम, त्रिपुरारी शुक्ला, शालिनी शुक्ला सहित आठ से दस लोग कंचनपुर मटियारी, देवा रोड स्थित उनके घर पहुंचे। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
पहले देखिये दिन में हुए हमले की कुछ तस्वीरें:




पीड़ित का आरोप है की दिन में हुए हमले में न सिर्फ शारीरिक चोट बाकि घर में तोड़फोड़ और पीड़ित की कार तोड़ने के बावजूद चौकी इंचार्ज ने कोई विशेष रूचि न लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जबकि पीड़ित का परिवार डरा सेहमा बार बार उनसे सहायता मांगता रहा।
अब देखिये शाम के हमले की तस्वीर जो आप को झगझोर देगी:
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हमलावरों ने तमंचा निकालकर फायरिंग की। साथ ही घर के बाहर खड़ी उनकी कार (यूपी-32 एमआर-3276) के शीशे लोहे की रॉड से तोड़ दिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने घर के बाहर गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
तहरीर के अनुसार, हमलावरों ने कथित रूप से घर के अंदर गैस का रेगुलेटर खोल दिया, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि पीड़ित की पत्नी ने समय रहते गैस बंद कर दी, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी दी गई।
पीड़ित के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सुबह 7:11 बजे यूपी-112 पर सूचना दी गई। पुलिस करीब आठ बजे मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को चिनहट थाने ले गई। इसके बाद पीड़ित ने लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला, फायरिंग, तोड़फोड़ और धमकी देने सहित विभिन्न आरोपों में कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित का कहना है कि पहली शिकायत के कुछ घंटे बाद शाम को उनके ऊपर दोबारा हमला किया गया। दूसरी घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में वह फिर चिनहट थाने पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें चिकित्सीय परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान रेफर कर दिया।
सुनील कुमार के अनुसार पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की बल्कि मटियारी चौकी इंचार्ज ने हर बार मामले को रफा दफा करने की कोशिश की यहाँ तक की अगर सुबह अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही हो जाती तो उनके ऊपर भयंकर हमला होने से बच जाता सुनील कुमार की स्तिथि अभी गंभीर बताई जा रही है
इस मामले में एसएचओ थाना चिनहट ने बताया की मामले में मुक़दमा देर रात दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है जबकि मटियारी चौकी इंचार्ज पीड़ित द्वारा लगाए आरोपों से बचते हुए नजर आये