मीटिंग में घुसकर फेंका तेजाब, फिर भाग निकले हमलावर; पुलिस के हाथ लगा पहला आरोपी, खुली कई परतें

18 Jul 2026

राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में सोलर कंपनी के कार्यालय में मीटिंग के दौरान हुए सनसनीखेज तेजाब हमले के मामले में पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली है। घटना के चार दिन बाद चिनहट पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने वारदात में शामिल अन्य साथियों और कथित मास्टरमाइंड के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता समेत चार फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को एल्डिको तिराहे के पास स्थित मेधा सोलर पैनल कंपनी के कार्यालय में कर्मचारियों और अन्य लोगों की मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान कुछ नकाबपोश हमलावर कार्यालय में घुसे और मौजूद लोगों पर तेजाब फेंक दिया। अचानक हुए हमले से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।

इस घटना में अयोध्या निवासी ऋषभ सिंह, जौनपुर निवासी प्रियंका मिश्रा समेत कई लोग झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।

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घटना के बाद चिनहट पुलिस ने सर्विलांस टीम के साथ मिलकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने भदोही जिले के जलालपुर निवासी अतहर रज़ा को हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ने पर उसने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने भदोही निवासी एहसान के कहने पर अपने साथियों साजिद, अरहम (उर्फ अलहम) और थार वाहन चालक तालिब के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में एहसान को इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

जांच के दौरान पुलिस के सामने प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक संभावित एंगल भी आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी का एक महिला से संबंध था। बाद में महिला की नजदीकियां किसी अन्य युवक से बढ़ने की बात सामने आई, जिसके बाद कथित तौर पर नाराजगी में इस हमले की साजिश रची गई।

हालांकि पुलिस ने इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

आरोपी की गिरफ्तारी इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चिनहट पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की संभावित लोकेशन पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

राजधानी लखनऊ में इससे पहले भी तेजाब फेंकने की कई घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। वर्ष 2005 से 2011 के बीच गोमती बैराज, काकोरी, वजीरगंज, बाजारखाला, मॉडल हाउस, निगोहां और लक्ष्मण मेला मैदान जैसे क्षेत्रों में ऐसे कई मामले सामने आए थे।

चिनहट की यह घटना एक बार फिर तेजाब हमलों जैसे गंभीर अपराधों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि मौजूदा मामले में पुलिस ने एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच को आगे बढ़ाया है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है।