लखनऊ में बंद मकानों में चोरी की घटनाओं की जांच कर रही गाजीपुर थाना पुलिस और पूर्वी जोन की क्राइम टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को 11 सितंबर को मुंशीपुलिया क्षेत्र में सेक्टर-17 स्थित कुकरैल जंगल गेट के पास से पकड़ा गया। उनके कब्जे से 2,11,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने घटनाओं में इस्तेमाल बताई गई एक मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लेकर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम सुंदर उर्फ गोलू, उम्र 24 वर्ष, और मो0 शमीम, उम्र 36 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों के संबंध में पुलिस अन्य थाना क्षेत्रों और जनपदों से भी आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान गाजीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज दो मुकदमों और इन्दिरानगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे से संबंधित चोरी की घटनाओं का अनावरण किया गया है। पहला मामला 31 जुलाई 2026 को सामने आया था। पुलिस के अनुसार, इन्दिरानगर निवासी जय श्रीवास्तव ने सूचना दी थी कि अज्ञात लोगों ने उनके घर का दरवाजा तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। इस सूचना पर थाना गाजीपुर में मुकदमा संख्या 269/2026 दर्ज किया गया था।
इसके बाद 6 अगस्त 2026 को इन्दिरानगर निवासी रजनी शर्मा ने पुलिस को प्रार्थना-पत्र देकर बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके आवास की अलमारी का ताला तोड़कर नकदी, कपड़े, महत्वपूर्ण दस्तावेज, नामांकन प्रमाण-पत्र, रसीदें और अन्य आवश्यक कागजात चोरी कर लिए। इस मामले में थाना गाजीपुर में मुकदमा संख्या 273/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं के अलावा इन्दिरानगर थाने में मुकदमा संख्या 197/2026 भी दर्ज है, जिसे पुलिस ने इसी कार्रवाई के दौरान अनावृत मामलों में शामिल किया है।
यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में एच1एन1 के 11 नए मरीज, सक्रिय मामले 73; जानें कब जरूरी है आरटी-पीसीआर
पुलिस ने बताया कि गाजीपुर थाना क्षेत्र में बंद मकानों में चोरी की घटनाओं के अनावरण के लिए थाना पुलिस और पूर्वी जोन की क्राइम टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसके लिए तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा था। 11 सितंबर को पुलिस टीम मुकदमों से संबंधित आरोपियों और चोरी के माल की तलाश में मुंशीपुलिया क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संबंधित घटनाओं में शामिल दो व्यक्ति सेक्टर-17 स्थित कुकरैल जंगल गेट के पास मोटरसाइकिल से अपने साथियों का इंतजार कर रहे हैं और वहां से भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग दिनों में बंद मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई। पुलिस का कहना है कि चोरी किए गए सामान को बेचकर प्राप्त धनराशि में से 2,11,800 रुपये उनके पास मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों के खिलाफ इन्दिरानगर थाने में चोरी से संबंधित एक अन्य मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा मोटरसाइकिल से बंद मकानों की रेकी की जाती थी। मकान बंद और सुनसान मिलने पर चोरी की घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
गिरफ्तार आरोपियों की जामा तलाशी के दौरान पुलिस ने कुल 2,11,800 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी पुलिस के कब्जे में ली गई। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल का वाहन नंबर यूपी32 केटी 3978 है और इसका रंग लाल-काला है। आरोपियों द्वारा वाहन से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया। पुलिस के बरामदगी के तौर पर 2,11,800 रुपये नकद और एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय श्याम सुंदर उर्फ गोलू पुत्र राधेश्याम मूल रूप से कठौता गांव, थाना विभूतिखंड, लखनऊ का रहने वाला है। उसका वर्तमान पता मटियारी रोड, सेक्टर-11, तकरोही, थाना इन्दिरानगर, लखनऊ बताया गया है। दूसरे आरोपी 36 वर्षीय मो0 शमीम पुत्र स्वर्गीय मुशीर अहमद का मूल पता ग्राम चन्नापुर महादेवा, थाना रामनगर, जनपद बाराबंकी बताया गया है। उसका वर्तमान पता करामत मार्केट, निशातगंज, थाना महानगर, लखनऊ बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, श्याम सुंदर उर्फ गोलू के खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें गाजीपुर, अलीगंज, कैन्ट, चिनहट, इन्दिरानगर, ठाकुरगंज और विभूतिखंड थानों से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 2021 और 2022 में भारतीय दंड संहिता की धारा 380, 411, 457 और 454 से संबंधित मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा 2023, 2025 और 2026 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के मुताबिक श्याम सुंदर के खिलाफ कुल 17 मामलों का आपराधिक इतिहास दर्ज किया गया है। इनमें थाना गाजीपुर के मुकदमा संख्या 269/2026 और 273/2026 तथा थाना इन्दिरानगर का मुकदमा संख्या 197/2026 भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मो0 शमीम के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं। इनमें गाजीपुर और इन्दिरानगर थानों में वर्ष 2026 के चोरी से जुड़े मुकदमे शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, शमीम के खिलाफ अलीगंज थाने में वर्ष 2020 में धारा 380 और 411 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा चिनहट थाने में वर्ष 2019 में शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामला दर्ज होने का उल्लेख है। इसके साथ ही चिनहट और महानगर थानों में वर्ष 2025 के दौरान दर्ज मामलों का भी पुलिस ने आपराधिक इतिहास में उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार, शमीम के खिलाफ कुल सात मामलों का आपराधिक इतिहास सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उनके आपराधिक इतिहास के संबंध में अन्य थाना क्षेत्रों और जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े तीन मुकदमों—गाजीपुर थाने के मुकदमा संख्या 269/2026 और 273/2026 तथा इन्दिरानगर थाने के मुकदमा संख्या 197/2026—को इस कार्रवाई के दौरान अनावृत किया गया है।
इस कार्रवाई में थाना गाजीपुर पुलिस की टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, उपनिरीक्षक धनपाल, हेड कांस्टेबल बालकुश, हेड कांस्टेबल अशोक यादव, कांस्टेबल रविन्द्र सिंह और कांस्टेबल भुवन विक्रम शामिल रहे। पूर्वी जोन की क्राइम टीम में उपनिरीक्षक अमरनाथ चौरसिया, मुख्य आरक्षी संदीप पाण्डेय, आरक्षी तरनजीत सिंह, आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी शिवानन्द खरवार, आरक्षी अजय यादव और आरक्षी राघवेन्द्र सिंह शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की अन्य थाना एवं जनपदों से जानकारी की जा रही है।