लखनऊ में दलित बुज़ुर्ग से अमानवीय व्यवहार पर भड़के कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया

24 Oct 2025


>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दलित बुज़ुर्ग के साथ मंदिर परिसर में हुई अमानवीय घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस शर्मनाक कृत्य के पीछे राजनीतिक दबाव और सत्ता का दुरुपयोग है।


>सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज में फैली ‘नीच मानसिकता’ की झलक है। उन्होंने कहा, “आरोपी आरएसएस से जुड़ा हुआ है। उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और पूरे इलाके में उसका खौफ है। यह कृत्य उसने दबाव और सत्ता के प्रभाव में किया है।”


>पुनिया ने बताया कि पीड़ित परिवार ने उनसे कहा कि आरोपी स्वामी कांत इलाके में लंबे समय से लोगों को डराकर अपनी मनमानी करता रहा है। वह स्थानीय मंदिर में ताला लगाता है, जब चाहे पूजा स्थल बंद कर देता है और किसी की नहीं सुनता।


>कांग्रेस सांसद ने कहा कि जिस प्रकार से एक बुजुर्ग दलित से जबरन पेशाब चटवाना मानवता के नाम पर कलंक है। उन्होंने कहा, “ऐसी घटना केवल अपराध नहीं, बल्कि मानसिक विकृति का प्रतीक है। ऐसी नीच सोच रखने वाले लोग समाज को शर्मिंदा कर रहे हैं।”


>उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकार को किसी भी कीमत पर इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत सख्त सजा मिले और कोई राजनीतिक दबाव पुलिस पर न पड़े।”


>क्या है पूरा मामला?
दरअसल, लखनऊ के काकोरी क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर में सोमवार को एक दलित बुज़ुर्ग की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उनके कपड़ों में पेशाब निकल गया। इसी दौरान वहां मौजूद स्वामी कांत नामक व्यक्ति ने बुज़ुर्ग के साथ मारपीट की और कथित रूप से उनसे पेशाब चटवा दी।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद आरोपी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।


>कांग्रेस सांसद ने पूछा कि आरोपी को सरकारी नहीं, बल्कि प्राइवेट अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया? उन्होंने कहा, “पुलिस को जवाब देना होगा कि आखिर विशेष सुविधा क्यों दी गई? क्या कानून सबके लिए समान नहीं?” 


>उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षण के कारण ही समाज में ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं।