लखनऊ जिला जेल में रक्षाबंधन: सलाखों के पार पहुंचीं बहनें, भाइयों को बांधी राखी

28 Aug 2026

रक्षाबंधन के अवसर पर लखनऊ जिला जेल में भाई-बहन के रिश्ते की अलग तस्वीर देखने को मिली। जहां आमतौर पर रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहनों के घर पहुंचकर उनसे राखी बंधवाते हैं, वहीं लखनऊ जिला जेल में बंद भाइयों से मिलने के लिए उनकी बहनें जेल पहुंचीं। हाथों में राखी और मिठाई लेकर पहुंची बहनों ने मुलाकात के दौरान भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन के दिन जेल परिसर के बाहर सुबह से ही बहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। दी गई जानकारी के अनुसार, जेल में सुबह करीब 5:30 बजे से खुली मुलाकात शुरू हुई। इस दौरान बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए पहुंचीं। मुलाकात के दौरान कई भाई-बहनों की आंखें नम हुईं।

रक्षाबंधन के मौके पर लखनऊ जिला जेल में सुबह करीब 5:30 बजे से खुली मुलाकात शुरू हुई। बहनें अपने साथ राखियां और मिठाई लेकर पहुंचीं। उनका उद्देश्य जेल में बंद अपने भाइयों से मिलना और रक्षाबंधन के अवसर पर उनकी कलाई पर राखी बांधना था। मुलाकात के दौरान भाई और बहन कुछ समय एक-दूसरे के साथ रहे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके अच्छे भविष्य की कामना की। कई मुलाकातों के दौरान भावनाएं भी सामने आईं और भाइयों तथा बहनों की आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन पर जेल के बाहर पहुंची बहनों के लिए यह मुलाकात सामान्य पारिवारिक मुलाकातों से अलग थी। घर में होने वाले त्योहार की जगह इस बार मुलाकात जेल परिसर में हुई, जहां भाई जेल में बंद थे और बहनें उनसे मिलने पहुंची थीं।

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रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के हाथों में रंग-बिरंगी राखियां और मिठाई थी। जेल में मुलाकात के दौरान उन्होंने इन्हीं राखियों को भाइयों की कलाई पर बांधा। राखी बांधने की यह प्रक्रिया भले ही कुछ समय की मुलाकात का हिस्सा रही, लेकिन कई परिवारों के लिए यह त्योहार का महत्वपूर्ण अवसर था। बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की और उनके अच्छे भविष्य की कामना की। जेल में रक्षाबंधन मनाने की परिस्थितियां घर से अलग थीं। यहां बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए जेल परिसर में मुलाकात करनी पड़ी। भाई और बहन के बीच मुलाकात का समय सीमित था, लेकिन इसी दौरान राखी बांधने और एक-दूसरे से बातचीत करने का अवसर मिला।

मुलाकात के दौरान बहनों की ओर से भाइयों के बेहतर भविष्य की कामना की गई। दी गई जानकारी में यह भी बताया गया है कि कुछ बहनों ने भाइयों को मुश्किल समय से निकलने और भविष्य में सुधार करने का संदेश दिया। एक बहन की ओर से कही गई भावना थी कि अगर गलती हुई है तो उसे सुधार लेना और अगली राखी घर पर बांधने का मौका मिलना चाहिए। यह बात जेल में बंद भाई और बहन के बीच हुई मुलाकात के भावनात्मक पक्ष को सामने रखती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस कथन को किसी एक बहन के नाम या पहचान के साथ नहीं जोड़ा गया है। इसलिए इसे किसी विशिष्ट व्यक्ति का आधिकारिक बयान मानने के बजाय मुलाकात के दौरान व्यक्त भावना के रूप में देखा जा सकता है।

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भाई-बहन के रिश्ते में बचपन की यादों का भी अपना महत्व होता है। रक्षाबंधन के मौके पर जेल में हुई मुलाकात के दौरान भी परिवारों के लिए पुरानी यादें जुड़ी रहीं। कई बहनों के लिए यह अवसर सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं था। वे अपने भाइयों से मिलने और कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़े होने का संदेश देने के लिए भी पहुंचीं। कुछ समय की मुलाकात में परिवार से जुड़ी भावनाएं और पुरानी यादें भी सामने आईं। आम तौर पर रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं और परिवार के लोग एक साथ त्योहार मनाते हैं। लखनऊ जिला जेल में स्थिति अलग रही, जहां बहनों को जेल में बंद भाइयों से मुलाकात के दौरान राखी बांधनी पड़ी।

लखनऊ जिला जेल में रक्षाबंधन का यह आयोजन परिवारों के लिए सामान्य घरेलू त्योहार से अलग रहा। भाई जेल के भीतर थे और बहनें उनसे मुलाकात के लिए पहुंची थीं। इसके बावजूद रक्षाबंधन की पारंपरिक रस्म—भाई की कलाई पर राखी बांधना—मुलाकात के दौरान पूरी हुई। बहनों ने राखी बांधने के साथ भाइयों के अच्छे भविष्य की कामना की। मुलाकात के दौरान कई भाई-बहनों की आंखों में भावनाएं दिखाई दीं। त्योहार के अवसर पर हुई इस मुलाकात में परिवार और रिश्ते से जुड़ा पक्ष प्रमुख रहा।

रक्षाबंधन के दिन आम तौर पर परिवारों में बहनों और भाइयों के बीच मुलाकात का सिलसिला चलता है। लखनऊ जिला जेल में भी भाई-बहन एक-दूसरे से मिले, लेकिन इसके लिए बहनों को जेल परिसर तक पहुंचना पड़ा। सुबह से शुरू हुई खुली मुलाकात में बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। हाथों में राखी और मिठाई लेकर पहुंची बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान परिवारों के बीच बातचीत भी हुई। जेल की परिस्थितियों के कारण त्योहार का आयोजन घर जैसा नहीं था, लेकिन रक्षाबंधन की रस्म मुलाकात के दौरान निभाई गई। कई बहनों और भाइयों के लिए यह मुलाकात भावनात्मक रही।