लखनऊ से राष्ट्रपति को ज्ञापन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की उठी मांग

02 Aug 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ने वाली मांग सामने आई है। 'आम नागरिक' समूह की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। ज्ञापन शिवम पांडे की ओर से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में ऐसे अनेक परिवार हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद आरक्षण का लाभ नहीं प्राप्त कर पाते। इस आधार पर मांग की गई है कि आरक्षण का प्रमुख आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाए, ताकि सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित लोगों को समान अवसर मिल सकें।

राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। इसमें कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंच सके।

यह खबर भी पढ़े - योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में धार्मिक प्रतीकों की गैलरी का किया उद्घाटन, जानिए क्या है इसकी खासियत

ज्ञापन में शिक्षा, सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में योग्यता और मेधा को प्राथमिकता देने की भी मांग की गई है। प्रेस नोट के अनुसार, इससे प्रतिभाओं का पलायन कम करने और सार्वजनिक संस्थानों की गुणवत्ता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

ज्ञापन में केवल आरक्षण व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं। इसमें प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी नागरिकों के लिए समान स्तर की निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि सभी विद्यार्थियों को समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध होंगे तो सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने में सहायता मिल सकती है।

ज्ञापन में सामाजिक समरसता को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है। इसमें कहा गया है कि ऐसा वातावरण विकसित किया जाना चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हों तथा समाज में आपसी समानता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिले।

यह खबर भी पढ़े - यूपी विधानसभा में इस बार हंगामे से पहले बनी सहमति, जानिए सर्वदलीय बैठक में क्या तय हुआ

ज्ञापन में जातिगत आधार पर उत्पन्न होने वाली सामाजिक दूरियों को कम करने की दिशा में संवाद और व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। आयोजकों ने प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि यह पूरी पहल संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और अहिंसक तरीकों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने कहा है कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी, धर्मविरोधी या असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से लोगों से इस विषय पर शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा और संवाद में भाग लेने की भी अपील की गई है।

यह ज्ञापन 'आम नागरिक' समूह के बैनर तले शिवम पांडे की ओर से जिला प्रशासन, लखनऊ के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन के अंत में "एक समान, न्यायपूर्ण और सशक्त भारत" के निर्माण की दिशा में व्यापक जनसंवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।