लखनऊ में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोहों के प्रति एक बार फिर सतर्क करने वाला मामला सामने आया है। फेसबुक पर हुई एक सामान्य बातचीत युवक के लिए भारी पड़ गई। दोस्ती, मुलाकात और भरोसे के बाद युवक को प्रेमजाल में फंसाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके लाखों रुपये के जेवर लूट लिए गए। अब करीब तीन साल बाद अदालत ने इस चर्चित मामले में महिला समेत दो दोषियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश (आयुर्वेद घोटाला प्रकरण) रोहित सिंह की अदालत ने महिला आरोपी अंकिता खटेरिया और उसके साथी अमित को भारतीय कानून के तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, पीड़ित नागेंद्र सिंह ने 18 अप्रैल 2023 को गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि 27 मार्च 2023 को फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान अंकिता खटेरिया से हुई थी। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद महिला ने युवक का विश्वास जीत लिया और मिलने के लिए गोमतीनगर स्थित फन मॉल बुलाया।
मुलाकात के दौरान महिला ने युवक को खाने-पीने का सामान दिया। आरोप है कि पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने के बाद युवक बेहोश हो गया। इसी दौरान आरोपी उसके गले से सोने की चेन, सोने का कड़ा, हीरे की अंगूठी समेत अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गई। बेहोशी की हालत में युवक को पुलिस और फन मॉल के कर्मचारियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने महिला आरोपी अंकिता खटेरिया और उसके साथी अमित को गिरफ्तार किया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया। इसके बाद पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्ष गवाहों के बयान, बरामदगी, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस ने इस मामले के बाद लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। केवल ऑनलाइन बातचीत के आधार पर किसी पर भरोसा न करें और पहली मुलाकात के दौरान सार्वजनिक स्थान पर भी सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।