मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च

23 Jun 2026

 

सिर्फ मोमबत्तियां नहीं, अधूरे सपनों की याद भी साथ चल रही थी...

 

अलीगंज अग्निकांड में असमय जान गंवाने वाले छात्रों की याद में रविवार को चिनहट का माहौल गमगीन नजर आया। शाम ढलते ही रामलीला मैदान में लोग एकत्र होने लगे, लेकिन यहां सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन बच्चों को याद करने की कोशिश थी जिनके सपने अचानक थम गए। सैकड़ों आंखों में संवेदनाएं थीं और हाथों में जलती मोमबत्तियां।

 

कार्यक्रम की शुरुआत चिनहट के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से हुई। उपस्थित लोगों ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति और पीड़ित परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इसके बाद वहां मौजूद लोग मौन जुलूस के रूप में आगे बढ़े।

 

रामलीला मैदान से शुरू हुआ कैंडल मार्च गांधी चबूतरे तक पहुंचा। यहां लोगों ने दो मिनट का मौन रखा और मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। माहौल पूरी तरह शांत था, लेकिन हर चेहरे पर घटना का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। श्रद्धांजलि सभा में शामिल युवाओं और स्थानीय नागरिकों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे। इन पर दिवंगत छात्रों की स्मृति में श्रद्धांजलि संदेश लिखे गए थे। मौजूद लोगों के अनुसार, कई संदेशों ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

 

स्थानीय पार्षद अरुण कुमार राय ने कहा कि यह घटना बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि बच्चों का इस तरह चले जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है और इस दुख की घड़ी में सभी लोग पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व पार्षद स्नेह लता राय, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष कमल पांडेय, अनिल सोनी, नरेंद्र श्रीवास्तव समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय महिलाएं और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।