पहली तेज बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव से लोगों की बढ़ी मुश्किलें

09 Jul 2026

मानसून की पहली तेज बारिश ने राजधानी लखनऊ में नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही देर की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में हुसैनाबाद और ठाकुरगंज का कल्याणपुरी इलाका शामिल रहा, जहां नालों का पानी सड़कों पर फैल गया और कई स्थानों पर घरों के बाहर तक पहुंच गया। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐतिहासिक घंटाघर के सामने स्थित सड़क पर भी पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश अधिक देर तक नहीं हुई, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में जलभराव हो गया। उनका आरोप है कि यदि बरसात से पहले नालों की समय पर सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की गई होती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।

निवासियों के अनुसार, नालों का पानी सड़कों पर आने के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और कई लोगों को पानी के बीच से होकर अपने घरों और कार्यस्थलों तक पहुंचना पड़ा।

बारिश के दौरान हुसैनाबाद और ठाकुरगंज के कल्याणपुरी इलाके में जलभराव की स्थिति अधिक गंभीर दिखाई दी। कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। घरों के बाहर पानी जमा होने से लोगों में चिंता भी देखी गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या नई नहीं है और हर वर्ष ऐसे हालात बनने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

जलभराव से परेशान लोगों ने नगर निगम से नालों की नियमित सफाई, प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था और बरसात के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान किए जाने की आवश्यकता है ताकि हर बारिश में लोगों को इसी तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।