लखनऊ - प्रदीप यादव। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए राजधानी लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। अभियान के दौरान चिनहट के एक जूस कॉर्नर से कृत्रिम रंग मिला अनार और करीब 30 किलो सड़ा हुआ मैंगो पल्प बरामद हुआ, जबकि अनोरा कला में बिना वैध लाइसेंस संचालित हो रही एक मटन की दुकान को तत्काल बंद करा दिया गया। दोनों मामलों में गंभीर खाद्य सुरक्षा अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने मौके पर कार्रवाई की।
एफएसडीए की टीमों ने सुल्तानपुर रोड, मोहनलालगंज, चिनहट, बीबीडी, अनोरा कला, मटियारी और भिठौली-टेढ़ी पुलिया समेत कई इलाकों में एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, जूस कॉर्नर, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों सहित 70 से अधिक कारोबारियों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिनहट स्थित इमरान जूस कॉर्नर में जांच टीम को अनार के दानों में कृत्रिम रंग की मिलावट मिली। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम सड़ा हुआ मैंगो पल्प और एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी बरामद की गई।
एफएसडीए अधिकारियों की मौजूदगी में लगभग 10 किलोग्राम रंग मिला अनार, दूषित मैंगो पल्प और अन्य अनुपयोगी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रतिष्ठान को कमियां दूर होने तक बंद करा दिया।
अभियान के दौरान अनोरा कला स्थित मटन जंक्शन की जांच में खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक श्रेणी का वैध लाइसेंस नहीं मिला। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
इसके साथ ही चिकन और मटन विक्रेताओं को श्रावण माह के दौरान खुले में मांस की बिक्री नहीं करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विशेष अभियान के दौरान एफएसडीए की टीमों ने 70 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। वहीं फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से 59 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। जिन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संदिग्ध मिली, उनके नमूने विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान 14 जुलाई से आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिलाधिकारी लखनऊ के निर्देश पर लगातार चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कांवड़ यात्रा और श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और मानक गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
विभाग का कहना है कि अभियान के तहत उन प्रतिष्ठानों की विशेष निगरानी की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग भोजन या पेय पदार्थों का सेवन करते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान जहां भी खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने और केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का उपयोग करने की अपील की है। वहीं श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।