>ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज के जाल में फंसे एक बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी। लखनऊ के काली पश्चिम इलाके में रहने वाले 20 वर्षीय निखिल यादव उर्फ गोलू ने 3 अक्टूबर को अपनी 45 वर्षीय मां रेणु यादव की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घटना के बाद से फरार आरोपी को पुलिस ने सोमवार को फतेहपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया।
>पुलिस जांच में जो खुलासे हुए, उन्होंने सबको झकझोर दिया निखिल “Aviator Game” नाम के ऑनलाइन जुआ खेल में लाखों रुपये हार चुका था और अबतक कई ऐप से कर्ज लेकर उसे चुकाने की कोशिश कर रहा था। जब मां ने उसे गहने चोरी करते देख लिया, तो शक के चलते उसने अपनी ही मां की हत्या कर दी।
>पुलिस के अनुसार, निखिल “tirangagamee.games” वेबसाइट पर “Aviator” नामक गेम खेलता था। यह एक क्रैश गेम है, जिसे यूक्रेन की कंपनी Spryb iGaming ने विकसित किया है। गेम तेजी से निर्णय लेने और हाई-रिस्क इनाम देने की प्रवृत्ति के कारण बेहद नशे की तरह लत लगाने वाला है।
>डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया, “निखिल ने ऑनलाइन गेम में पैसे हारने के बाद MPOKKET (₹25,000), Flash Wallet (₹2,600) और RAM Fincorp (₹2,000) जैसे लोन ऐप्स से तगड़ा कर्ज लिया था। जब वह ब्याज सहित रकम लौटाने में असफल रहा, तो ये ऐप्स उसे ब्लैकमेल करने लगे।”
>एडिशनल डीसीपी साउथ वसंथ राल्लापल्ली ने बताया कि ये ऐप्स भारत में अवैध हैं, क्योंकि इन्हें Gaming Act 2025 के तहत अनुमति नहीं है।
पुलिस के अनुसार, निखिल पहले भी मां के कुछ गहने बेचकर कर्ज चुकाने की कोशिश कर चुका था। लेकिन जब उसने दोबारा चोरी की कोशिश की और शक हुआ कि मां ने उसे देख लिया है, तो उसने स्क्रूड्राइवर से कई वार किए और बाद में गैस सिलेंडर से हमला कर मां की हत्या कर दी।
>हत्या के बाद निखिल ने घर को अस्त-व्यस्त किया ताकि ऐसा लगे कि डकैती हुई है। उसने अपने पिता को फोन करके झूठी कहानी गढ़ी कि अज्ञात हमलावरों ने मां पर हमला किया और वे उसका भी पीछा कर रहे हैं। इसके बाद वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के जरिए PGI पुलिस, साउदर्न ज़ोन सर्विलांस सेल और क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में उसे ट्रैक कर फतेहपुर से गिरफ्तार किया।
>निखिल पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं 103(1) (हत्या), 238 (सबूत मिटाना और झूठे बयान), तथा 315 (मृतक की संपत्ति का दुरुपयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल स्क्रूड्राइवर और मां के गहने (चेन, मंगलसूत्र, ईयररिंग्स, टॉप्स) बरामद किए हैं। पुलिस आयुक्त ने केस सुलझाने वाली टीम को ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की है।
>यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी भी है।
ऑनलाइन बेटिंग और क्रैश गेम्स युवाओं को तेजी से कर्ज और अपराध की राह पर धकेल रहे हैं।
सरकार ने ऐसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन डिजिटल माध्यमों से ये आज भी युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं।
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