सालों पहले गुम हुए मोबाइल भी मिले, लखनऊ में 36 गुम मोबाइल फोन बरामद

10 Aug 2026

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के पूर्वी जोन में गाजीपुर थाना पुलिस ने गुम और खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 36 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार इन मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब 5.80 लाख रुपये है।

पुलिस ने बताया कि गाजीपुर थाना की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी और ट्रेसिंग की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से कुल 36 मोबाइल फोन बरामद किए गए।

लखनऊ पुलिस पुलिस उपायुक्त पूर्वी के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी और सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक थाना गाजीपुर राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में साइबर हेल्पडेस्क टीम गुम और खोए मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी कर रही थी।

इसी क्रम में थाना गाजीपुर में दर्ज अलग-अलग गुम और खोए मोबाइल फोन के मामलों को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से ट्रेस किया गया। पुलिस के अनुसार पोर्टल से प्राप्त तकनीकी जानकारी और मोबाइल के उपयोग तथा लोकेशन से संबंधित विवरण का विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन बरामद किए।

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पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 36 मोबाइल फोन में कुछ ऐसे फोन भी शामिल हैं, जो वर्ष 2023 और 2024 में गुम हुए थे। काफी समय बीतने के बावजूद गाजीपुर थाना की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने इन मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी जारी रखी। सीईआईआर पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और तकनीकी सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर इन फोन को ट्रेस किया गया। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन की लगातार निगरानी और उपलब्ध तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के बाद अलग-अलग स्थानों से इनकी बरामदगी की गई।

गाजीपुर पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोन में कई प्रमुख कंपनियों के उपकरण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद फोन में ओप्पो, वीवो, सैमसंग, मोटोरोला, वनप्लस, रियलमी, रेडमी, पोको, लावा और आईटेल समेत विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। पुलिस ने बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब 5.80 लाख रुपये बताई है।

पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन के संबंध में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामियों को थाना गाजीपुर बुलाकर उनके फोन सुपुर्द किए गए।

अपना खोया हुआ मोबाइल फोन वापस मिलने पर संबंधित मोबाइल स्वामियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने थाना गाजीपुर पुलिस, साइबर हेल्पडेस्क टीम और लखनऊ पुलिस की कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया।

मोबाइल फोन की बरामदगी में थाना गाजीपुर की साइबर हेल्पडेस्क की भूमिका बताई गई है। पुलिस के अनुसार टीम ने गुम और खोए मोबाइल फोन को लगातार तकनीकी तौर पर ट्रेस करने की प्रक्रिया जारी रखी।

इस कार्रवाई में सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने मोबाइल फोन के उपयोग और लोकेशन से संबंधित उपलब्ध विवरण का विश्लेषण कर फोन को ट्रेस करने की कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार मोबाइल फोन बरामद करने वाली टीम में निम्न पुलिसकर्मी शामिल रहे:

लखनऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना अथवा साइबर हेल्पडेस्क को इसकी सूचना दें। पुलिस ने मोबाइल फोन के आईएमईआई को सीईआईआर पोर्टल पर ब्लॉक या ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाने की भी अपील की है। पुलिस के मुताबिक, यदि गुम हुए मोबाइल फोन से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध होती है तो नागरिकों को इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए, ताकि मोबाइल की बरामदगी में सहयोग मिल सके।

सीईआईआर व्यवस्था का उपयोग मोबाइल उपकरण की पहचान संख्या यानी आईएमईआई से संबंधित जानकारी के आधार पर गुम या चोरी हुए मोबाइल की निगरानी और कार्रवाई के लिए किया जाता है।

गाजीपुर थाना पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इसी पोर्टल के माध्यम से थाना क्षेत्र में दर्ज गुम और खोए मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी पर निगरानी की गई। उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण कर 36 मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार बरामद किए गए मोबाइल में कुछ ऐसे फोन भी थे, जो काफी समय पहले गुम हुए थे। इन फोन की बरामदगी के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया।