पेट में गोली लगी और 1.5 लीटर खून बहा लखनऊ में घायल युवक की सफल सर्जरी

05 Sep 2026

लखनऊ में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल 35 वर्षीय पंकज कुमार यादव का एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सफल उपचार किया गया। गोसाईगंज के उदवतखेड़ा निवासी पंकज को 14 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे एपीआई अंसल में चोरों द्वारा गोली मारे जाने के बाद गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। गोली पेट में लगी थी और अस्पताल पहुंचने के समय वह गंभीर शॉक की स्थिति में था।

ट्रॉमा सेंटर की टीम ने मरीज को तत्काल रीससिटेशन दिया, जिसके बाद आपातकालीन लैप्रोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान पेट में करीब 1.5 लीटर रक्त पाया गया। इसके साथ ही छोटी आंत के इलियम हिस्से में गंभीर चोट मिली। चिकित्सकों ने छोटी आंत के करीब 15 सेंटीमीटर क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालकर आवश्यक सर्जरी की।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंकज कुमार यादव को गोली लगने के बाद रात में गंभीर अवस्था में एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया। पेट में गोली लगने के कारण उनकी स्थिति गंभीर थी और अस्पताल पहुंचने पर वह शॉक में थे।

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ऐसी स्थिति में ट्रॉमा सेंटर की टीम ने पहले तत्काल रीससिटेशन किया। इसके बाद मरीज की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन लैप्रोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान पेट के अंदर करीब 1.5 लीटर रक्त पाया गया, जिससे गंभीर रक्तस्राव का पता चला। जांच के दौरान छोटी आंत के इलियम हिस्से में भी गंभीर चोट सामने आई। चिकित्सकों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर आवश्यक सर्जिकल प्रक्रिया पूरी की।

ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को छोटी आंत का गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हिस्सा मिला। इसके बाद करीब 15 सेंटीमीटर क्षतिग्रस्त आंत को निकालकर आवश्यक सर्जरी की गई। मरीज को उपचार के दौरान कई बार रक्त चढ़ाया गया। गोली लगने से हुए गंभीर रक्तस्राव और उसकी समग्र स्थिति को देखते हुए उसे 48 घंटे तक मैकेनिकल वेंटिलेटर पर रखा गया।

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इसके बाद आईसीयू में उसकी लगातार निगरानी और उपचार किया गया। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और वह स्वास्थ्य लाभ करने लगा। गंभीर अवस्था में भर्ती किए गए पंकज को आईसीयू में गहन निगरानी और उपचार दिया गया। 48 घंटे तक मैकेनिकल वेंटिलेशन के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ। अस्पताल के अनुसार उपचार के बाद मरीज ने सफलतापूर्वक स्वास्थ्य लाभ किया। स्थिर स्थिति में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

मरीज की सर्जरी प्रोफेसर अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ एवं ट्रॉमा सर्जन के नेतृत्व में की गई। सर्जिकल टीम में डॉ. आदित्य और डॉ. वरुण गुप्ता, सीनियर रेजिडेंट, ट्रॉमा सर्जरी शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. गणपत प्रसाद, डॉ. रफत शमीम, एडिशनल प्रोफेसर और डॉ. दीक्षा, सीनियर रेजिडेंट शामिल थीं। ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू टीम ने भी मरीज के उपचार में योगदान दिया।

एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने मरीज के सफल उपचार और उसकी जान बचाने के लिए पूरी चिकित्सा टीम को बधाई दी। इस मामले में मरीज के गंभीर शॉक, पेट के अंदर रक्तस्राव और छोटी आंत में चोट के बाद तत्काल उपचार किया गया। उपचार में आपातकालीन रीससिटेशन, सर्जरी, रक्त आधान, मैकेनिकल वेंटिलेशन और आईसीयू निगरानी शामिल रही।

एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एसजीपीजीआई में 24 घंटे आपातकालीन ट्रॉमा, सर्जिकल और गहन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। संस्थान के अनुसार ये सेवाएं मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

इस मामले में भी मरीज को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां तत्काल रीससिटेशन के बाद आपातकालीन सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान गंभीर रक्तस्राव और छोटी आंत की चोट का उपचार किया गया तथा बाद में मरीज को आईसीयू में रखा गया। उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर हुई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।