राजधानी लखनऊ के बीकेटी तहसील क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित धार्मिक स्थलों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। गोमती का पानी सुधन्वा कुंड तक पहुंच गया है, जबकि चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।
जलभराव के कारण दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, मंदिर के आसपास पूजा सामग्री, फूल-माला और प्रसाद की दुकानें लगाने वाले दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
बीकेटी क्षेत्र में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब सुधन्वा कुंड तक पहुंच गया है। नदी के पानी के आगे बढ़ने से आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा हुई है। सुधन्वा कुंड और चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही रहती है। पानी बढ़ने के बाद मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर लोगों को सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ रहा है। मंदिर क्षेत्र में जलभराव ने वहां की सामान्य आवाजाही को प्रभावित किया है। पानी के कारण पहले की तरह आसानी से मंदिर तक पहुंचना संभव नहीं रह गया है।
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गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर का असर चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। मंदिर परिसर और आसपास पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने में परेशानी हो रही है। जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय लोगों को संभलकर चलना पड़ रहा है। खास तौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए आवाजाही अधिक कठिन हो गई है। मंदिर क्षेत्र में पानी की स्थिति के बीच श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, जलभराव के कारण सामान्य व्यवस्था प्रभावित हुई है।
गोमती का जलस्तर बढ़ने के साथ मंदिर क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ी हैं। जिन रास्तों से सामान्य दिनों में लोग आसानी से मंदिर तक पहुंचते थे, वहां अब पानी जमा है। जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को रास्ते में अधिक सावधानी बरतनी पड़ रही है। बुजुर्गों और बच्चों के साथ मंदिर पहुंचने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता की जरूरत पड़ रही है। मंदिर क्षेत्र में पानी बढ़ने की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है।
जलभराव का असर सिर्फ श्रद्धालुओं की आवाजाही तक सीमित नहीं है। चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास प्रसाद, फूल-माला और पूजा सामग्री की दुकानें लगाने वाले दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। पानी भरने और श्रद्धालुओं की आवाजाही कम होने के कारण दुकानों पर बिक्री प्रभावित हुई है। मंदिर क्षेत्र में आने वाले लोगों की संख्या कम होने से पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर इसका सीधा असर पड़ा है। स्थानीय दुकानदारों के लिए मंदिर आने वाले श्रद्धालु कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में जलभराव के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने से उनके व्यापार पर भी असर पड़ा है।
स्थिति को देखते हुए मां चंद्रिका देवी मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। समिति ने लोगों से जलभराव वाले स्थानों पर जोखिम नहीं लेने और सुरक्षित तरीके से आवागमन करने को कहा है। श्रद्धालुओं से मंदिर क्षेत्र में पानी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी से आने-जाने की अपील की गई है। जलभराव के बीच मंदिर क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
गोमती नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से नदी के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ी है। स्थानीय लोग नदी के पानी के स्तर पर नजर बनाए हुए हैं। सुधन्वा कुंड तक पानी पहुंचने और चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में जलभराव के बाद आसपास के निचले इलाकों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जलभराव का सबसे स्पष्ट असर सुधन्वा कुंड और चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।