गोमतीनगर होटल में फर्जी विदेश मंत्रालय का छापा, दो गिरफ्तार - 478 कार्ड बरामद

19 Aug 2026

राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में एक होटल में खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर फर्जी छापेमारी करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, तीन युवक देर रात होटल पहुंचे और खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए वहां मौजूद रजिस्टर और अन्य जानकारी की जांच शुरू कर दी। होटल प्रबंधन द्वारा पहचान पत्र मांगे जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि युवकों ने होटल के स्टाफ के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और रिसेप्शन का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इस दौरान होटल में मौजूद कुछ लोगों को करीब एक घंटे तक रोके जाने की बात भी सामने आई है। सूचना मिलने के बाद गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उनका एक साथी मौके से फरार हो गया।

होटल क्रिस्टेलिया, विकासखंड-3, गोमतीनगर के नाइट मैनेजर कुमार सर्वोत्तम पाठक के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब एक बजे की है। उनके मुताबिक, तीन युवक एक वाहन से होटल पहुंचे थे। वाहन पर ‘विदेश मंत्रालय’ लिखी फर्जी पट्टिका लगी थी।

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आरोपियों ने खुद को विदेश मंत्रालय का सेक्शन अधिकारी बताते हुए सीधे होटल के रिसेप्शन पर पहुंचकर वहां उपलब्ध रजिस्टर की जांच शुरू की। इस दौरान होटल प्रबंधन ने उनसे आधिकारिक पहचान पत्र मांगा। जानकारी के मुताबिक, पहचान पत्र मांगे जाने के बाद आरोपियों का व्यवहार आक्रामक हो गया।

होटल मैनेजर के मुताबिक, आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और गला दबाने का आरोप है। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में सामने आई है।

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पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने होटल स्टाफ के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। रिसेप्शन का दरवाजा अंदर से बंद किए जाने के कारण वहां मौजूद लोगों को निकलने में परेशानी हुई। आरोप है कि होटल में मौजूद कुछ मेहमानों को भी करीब एक घंटे तक रोका गया। घटना की सूचना होटल प्रबंधन ने पुलिस को दी। इसके बाद गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद युवकों की गतिविधियों की जांच शुरू की।

एडिशनल इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शिवम चौहान, निवासी वाराणसी, और अभिनव सिंह, निवासी मेरठ, के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते हैं और उन्होंने साथ में पढ़ाई की है।

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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शिवम फिलहाल नोएडा में सीसीटीवी लगाने का काम करता है, जबकि अभिनव साइबर सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। मामले में एक अन्य युवक के भी शामिल होने की बात सामने आई है, जो घटना के दौरान फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

पुलिस पूछताछ के दौरान इस मामले में एक तुर्कमेनिस्तान की युवती का कनेक्शन भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिवम की दिल्ली के एक क्लब में रोजा नाम की तुर्कमेनिस्तान की युवती से दोस्ती हुई थी।

बताया गया है कि युवती ने शिवम को कथित तौर पर बताया था कि उसके मुख्य हैंडलर ने उसका पासपोर्ट और वीजा अपने कब्जे में रखा है तथा उससे देह व्यापार कराया जा रहा है। युवती ने कथित रूप से यह भी बताया कि वह लखनऊ के इसी होटल में मौजूद है।

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, युवती की मदद करने और उसे होटल से बाहर निकालने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों ने खुद को विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताकर फर्जी छापेमारी की योजना बनाई थी। यह भी बताया गया है कि पुलिस के पहुंचने से पहले युवती मौके से जा चुकी थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सामान बरामद किए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे विजिटिंग कार्ड शामिल हैं, जिन पर विदेश मंत्रालय के सेक्शन अधिकारी का पद दर्ज था।

बरामदगी में कुल 478 जाली विजिटिंग कार्ड बताए गए हैं। इसके अलावा पुलिस को अलग-अलग बैंकों के 14 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, दो चेकबुक और तीन जाली पहचान पत्र भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, मौके से फरार हुई तुर्कमेनिस्तान की युवती का कार्ड भी बरामद किया गया है। इन बरामद सामानों के आधार पर पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

मामले में पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा आरोपियों द्वारा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करने से जुड़ा है। होटल पहुंचने के लिए जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया, उस पर भी मंत्रालय के नाम वाली पट्टिका लगाए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद जाली विजिटिंग कार्ड, पहचान पत्र और अन्य बैंकिंग दस्तावेज आरोपियों के पास कैसे पहुंचे और इनका उपयोग पहले भी कहीं किया गया था या नहीं। आरोपियों की गतिविधियों और होटल में की गई कथित फर्जी कार्रवाई के संबंध में पुलिस पूछताछ जारी है।

मामले में होटल स्टाफ के मोबाइल फोन लिए जाने और रिसेप्शन का दरवाजा बंद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके कारण मौके पर मौजूद लोगों को करीब एक घंटे तक बाहर निकलने में कठिनाई हुई।

होटल प्रबंधन की सूचना के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने से स्थिति नियंत्रित हुई। इसके बाद दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उनकी पहचान सामने आने के बाद गिरफ्तारी की गई।