उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में गुरुवार को एक ही परिवार से जुड़ी तीन मौतों का मामला सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारतीय पति मानस बाजपेयी ने आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा को बैंक के बाहर गोली मार दी। इसके बाद वह हुसड़िया स्थित अपने किराये के कमरे पर पहुंचा, जहां उसकी बहन शीबा भी मौजूद थीं। वहां भी गोली चलने की घटना हुई और शीबा की मौत हो गई। इसके बाद मानस ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
घटना के पीछे तलाक की प्रक्रिया, कथित तौर पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गुजारा भत्ते की मांग और मानस की बीमार बहन को लेकर पारिवारिक मतभेद जैसी कई कड़ियों की पुलिस जांच की जा रही है। इन बिंदुओं को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक वजह को हत्या का अंतिम कारण नहीं माना गया है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मानस गोमतीनगर के विवेकखंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास पहुंचा। बताया गया है कि उसने दिव्या को फोन कर बैंक के बाहर बुलाया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई।
इसके बाद विवाद बढ़ा और मानस ने कथित तौर पर दिव्या पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद दिव्या गंभीर रूप से घायल होकर गिर गईं। बैंक के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने घटना के बाद मदद की कोशिश की और दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
घटना से जुड़े आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस के लिए यह रिकॉर्ड घटनाक्रम की समयरेखा और बैंक के बाहर हुई गतिविधियों को समझने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पत्नी को गोली मारने के बाद मानस वहां से निकल गया। इसके बाद वह हुसड़िया स्थित अपने किराये के कमरे पर पहुंचा। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसकी बहन शीबा कमरे में मौजूद थीं। कुछ ही समय बाद कमरे के अंदर भी गोली चलने की घटना हुई। शीबा की मौत हो गई और इसके बाद मानस ने खुद को गोली मार ली।
इस तरह घटनाक्रम में तीन लोगों की मौत हुई। पुलिस अब बैंक और हुसड़िया स्थित कमरे के बीच की समयरेखा को जोड़ने में जुटी है, ताकि घटना के क्रम और उसमें इस्तेमाल हुए हथियारों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
दिव्या मिश्रा और मानस बाजपेयी की शादी प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दोनों की शादी करीब 2017 के आसपास हुई थी। शुरुआती समय के बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद बढ़ते गए। स्थिति बिगड़ने पर दोनों अलग रहने लगे और मामला तलाक की प्रक्रिया तक पहुंच गया।
बताया गया है कि दिव्या अपनी बहन प्रज्ञा मिश्रा के साथ रह रही थीं। प्रज्ञा के बारे में उपलब्ध जानकारी में उन्हें पत्रकार और यूट्यूब सामग्री निर्माता बताया गया है। दूसरी ओर मानस अपनी बहन शीबा के साथ रहता था। इस पारिवारिक स्थिति को पुलिस मामले की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानकर देख रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच से जुड़ी जानकारी में तलाक के मामले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गुजारा भत्ते की कथित मांग का उल्लेख सामने आया है। बताया गया है कि इस आर्थिक मांग की जानकारी मानस को थी। हालांकि इस रकम को हत्या का अंतिम कारण मानना फिलहाल उचित नहीं होगा। कथित आर्थिक मांग, तलाक से जुड़े दस्तावेज और दोनों पक्षों के कानूनी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए इस पूरे पहलू को फिलहाल पुलिस जांच के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, न कि स्थापित हत्या के कारण के रूप में।
इस मामले की दूसरी अहम कड़ी शीबा से जुड़ी बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शीबा मानसिक रूप से बीमार थीं। माता-पिता के निधन के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी मानस के पास थी और वह अपनी बहन को अपने साथ रखना चाहता था।
बताया गया है कि इस व्यवस्था को लेकर दिव्या सहमत नहीं थीं। इसी विषय को पति-पत्नी के बीच बढ़े मतभेद की एक वजह के रूप में भी जांचा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह विवाद कब से चला आ रहा था, क्या इस मुद्दे को लेकर पहले भी गंभीर विवाद हुआ था और क्या किसी तरह की शिकायत या धमकी का कोई रिकॉर्ड मौजूद है।
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में तलाक से जुड़े मामले की 18 अगस्त की तारीख भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अवधि के आसपास मानस को तलाक की प्रक्रिया और कथित आर्थिक मांग से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है।
इसके बाद उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव आया या नहीं, पुलिस इस कड़ी की जांच कर रही है। इसी संदर्भ में हथियारों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर जांच से यह स्पष्ट होता है कि घटना से पहले हथियार जुटाए गए थे, तो घटनाक्रम की तैयारी और समयरेखा को समझने में पुलिस को अतिरिक्त साक्ष्य मिल सकते हैं।
घटना के बाद मानस के पास से हथियार बरामद होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों में दो पिस्टल और एक तमंचे का उल्लेख किया गया है। अब जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता करना है कि इन हथियारों का स्रोत क्या था। पुलिस यह भी देख रही है कि हथियार कब और कैसे उसके पास पहुंचे तथा क्या उनके संबंध में कोई खरीद, संपर्क या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध है। हथियारों की बैलिस्टिक जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से मिले अन्य प्रमाण इस पहलू की पुष्टि में उपयोगी होंगे।
पत्नी की हत्या के बाद मानस के मोबाइल से जुड़ी एक जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि उसने व्हाट्सऐप स्टेटस पर पत्नी की हत्या का उल्लेख किया और आगे अपनी बहन तथा खुद को भी मारने की बात लिखी। इस स्टेटस में उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाने के साथ दिव्या की बहन प्रज्ञा और उनके पति भरत का भी जिक्र किया था।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य के तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्टेटस किस समय अपलोड किया गया, किस उपकरण से किया गया और उसका पूरा संदर्भ क्या था।
दिव्या की हत्या के बाद मानस हुसड़िया स्थित किराये के कमरे तक पहुंचा। वहां शीबा मौजूद थीं। इसी कमरे में दूसरी गोलीबारी हुई और शीबा की मौत हो गई। इसके बाद मानस ने खुद को गोली मार ली।
पुलिस के लिए यह जानना जरूरी होगा कि दोनों घटनाओं के बीच कितना समय अंतर था और क्या इस दौरान मानस ने किसी से संपर्क किया था। कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल गतिविधियां और आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग से इस समयरेखा को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय स्तर पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई। उपलब्ध रिपोर्टों में कुछ पड़ोसियों और आसपास के दुकानदारों से बातचीत का उल्लेख है। यह भी बताया गया कि वारदात से पहले मानस सामान्य दिखाई दे रहा था।
हालांकि बाहरी व्यवहार के आधार पर उसकी वास्तविक मानसिक स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाओं की पूरी पृष्ठभूमि समझने की कोशिश कर रही है।
घटना की सूचना दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा तक भी पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें फोन के जरिए दिव्या को गोली मारे जाने की जानकारी मिली थी। लेकिन तब तक घटनाक्रम आगे बढ़ चुका था। दिव्या की मौत के बाद कुछ ही समय में शीबा की भी हत्या हो गई और मानस की खुदकुशी की खबर सामने आई। एक ही परिवार से जुड़े तीन लोगों की मौत ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया है और पुलिस की जांच अब सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़ने पर केंद्रित है।
पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें सबसे अहम यह पता लगाना है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई तैयारी थी। दूसरा सवाल हथियारों के स्रोत से जुड़ा है। दो पिस्टल और एक तमंचे का उल्लेख सामने आने के बाद इनके स्रोत और उपयोग की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
तीसरा पहलू तलाक और कथित डेढ़ करोड़ रुपये के गुजारा भत्ते का है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह विवाद कितना गंभीर था और इसका घटनाक्रम से क्या संबंध था।
चौथा मुद्दा व्हाट्सऐप स्टेटस में लगाए गए आरोपों की सत्यता और उनका संदर्भ है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पांचवां पहलू शीबा को लेकर पारिवारिक मतभेद का है। पुलिस यह जानना चाहती है कि यह विवाद कितना पुराना था और क्या इसके कारण पहले कोई गंभीर घटना या शिकायत हुई थी।
मानस की मौत के बाद जांच में परिस्थितिजन्य, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के संभावित प्रमुख स्रोतों में बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप गतिविधि, कॉल विवरण, तलाक से संबंधित दस्तावेज, कथित गुजारा भत्ते से जुड़े कागजात, हथियारों की बैलिस्टिक जांच, फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल हैं। इन सभी जानकारियों को मिलाकर पुलिस घटनाओं की समयरेखा और संभावित कारणों को समझने का प्रयास कर रही है।
इस मामले की पृष्ठभूमि में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद हैं। प्रेम विवाह के बाद दोनों के संबंध बिगड़े और वे अलग रहने लगे। इसके बाद तलाक की प्रक्रिया शुरू हुई। दिव्या अपनी बहन के साथ रह रही थीं, जबकि मानस अपनी बहन शीबा के साथ रह रहा था।
इसी पारिवारिक परिस्थिति के बीच कथित आर्थिक विवाद और बीमार बहन की देखभाल से जुड़े मतभेद सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि इन विवादों का वास्तविक स्वरूप क्या था और उनका घटनाक्रम से कितना संबंध था।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पूरा घटनाक्रम गुरुवार दोपहर बैंक के बाहर पत्नी को गोली मारने से शुरू हुआ। इसके बाद मानस हुसड़िया स्थित किराये के कमरे पर पहुंचा, जहां उसकी बहन शीबा की भी गोली लगने से मौत हुई। अंत में मानस ने खुदकुशी कर ली।
इस मामले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मानस के जीवित न होने के कारण घटना के पीछे उसकी प्रत्यक्ष जानकारी अब उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में पुलिस की जांच दस्तावेजी, डिजिटल, फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर निर्भर रहेगी।
फिलहाल तलाक, कथित गुजारा भत्ते, पारिवारिक मतभेद, हथियारों के स्रोत और डिजिटल संदेश से जुड़ी सभी कड़ियों की जांच जारी है। मामले की वास्तविक वजह और घटनाओं की पूरी समयरेखा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।