लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कॉलोनियां, भू माफियाओं का खेल जारी

06 May 2026

 

लखनऊ शहर के आसपास नगर निगम और ग्राम पंचायतों में स्थित सरकारी भूमि पर कब्जा देकर अवैध कॉलोनियां बसाने का खेल लम्बे समय से खेला जा रहा है आरोप है कि दूसरे गाटा नंबर की जमीन की रजिस्ट्री कराकर खरीदारों को सरकारी भूमि पर कब्जा दिया जा रहा है। इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध कॉलोनियों का विस्तार रुक नहीं पा रहा है।

 

लखनऊ में बसने का सपना लेकर अपनी गाढ़ी कमाई लगाने वाले कई लोग इस कथित रैकेट का शिकार हो रहे हैं। जमीन खरीदने वाले लोगों को वैध प्लॉट का भरोसा देकर रजिस्ट्री कराई जाती है, लेकिन बाद में उन्हें ऐसी जमीनों पर कब्जा दिया जाता है जो सरकारी सरकारी श्रेणी में दर्ज होती हैं।

 

सदर तहसील के चिनहट क्षेत्र, के हरदासीखेड़ा गांव और उसके आसपास, इस तरह की कई अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित होती दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ चुनिंदा व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां कराई गईं और खरीदारों को सरकारी जमीनों पर कब्जा दिलाया गया। आरोप यह भी है कि रजिस्ट्री कराने वाले और गवाह के रूप में शामिल लोग केवल औपचारिक भूमिका निभाते हैं, जबकि पूरा नेटवर्क पर्दे के पीछे सक्रिय एक संगठित रैकेट संचालित करता है।

 

इस गिरोह से जुड़े लोग सीधे किसी दस्तावेज या लिखापढ़ी में सामने नहीं आते, जिससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। हालाँकि इनके द्वारा ठगे गए लोग ही इन चेहरों को उजागर कर सकते है। क्षेत्र में सक्रिय इस कथित रैकेट के लोगों की जीवनशैली में भी बीते कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्थानीय लोगों का दावा है कि आलीशान रहन-सहन और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल इस अवैध कारोबार से अर्जित धन की ओर इशारा करता है।

 

इसी तरह के एक मामले में वर्ष 2023 में चिनहट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने रजिस्ट्री करने वाले एक शख्स को ही जेल भेजा, रजिस्ट्री कराने वाले असली खिलाडी कौन है उन तक पुलिस नहीं पहुंच सकी यही कारण था की ये रैकेट अपना खेल जारी रखने में सक्रिय रहा और आरोप है कि अवैध कॉलोनियां बसाने का खेल लगातार खेला जा रहा है।

 

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उन लोगों के भविष्य को लेकर उठ रहा है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर इन प्लॉट्स को खरीदा है। यदि भविष्य में प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है, तो इन खरीदारों को बेघर होना पढ़ सकता है ।