कई महीनों से भुगतान नहीं... लखनऊ में हजारों ग्राम रोजगार सेवकों का विधानसभा घेराव, सरकार को दी चेतावनी

01 Jul 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सुबह ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने विधानसभा की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया। इसके बाद प्रशासन और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को ग्राम रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं का अब तक क्रियान्वयन नहीं हुआ है। इसी मांग को लेकर प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सेवक राजधानी पहुंचे और विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया।

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संघ के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 40 हजार ग्राम रोजगार सेवक लखनऊ पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत की और प्रमुख सचिव तथा ग्राम विकास आयुक्त के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन इको गार्डन में जारी रहेगा।

ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उन्हें वर्तमान में ₹7,788 प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से कई ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय का नियमित भुगतान भी नहीं हुआ है, जिससे आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आर्थिक तंगी के कारण कई ग्राम रोजगार सेवकों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राम लखन तिवारी ने कहा कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखा जाएगा।