भगवान शंकर पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद, मौलाना जर्जिस के खिलाफ एफआईआर की मांग लेकर थाने पहुंचा हिंदू महासभा

31 Jul 2026

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भगवान शंकर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी के नेतृत्व में हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और मौलाना जर्जिस के खिलाफ शिकायत पत्र सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। संगठन का आरोप है कि कथित बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हिंदू महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत हजरतगंज कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौलाना जर्जिस के खिलाफ नारेबाजी भी की और कथित बयान को धार्मिक सौहार्द के लिए अनुचित बताया।

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संगठन का कहना है कि किसी भी धर्म के आराध्य या पूजनीय व्यक्तित्व पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक तनाव और वैमनस्य का कारण बन सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।

राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने पुलिस अधिकारियों को दिए गए शिकायत पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर भारतीय कानून के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक आंदोलन भी किया जा सकता है।

हजरतगंज कोतवाली परिसर के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया और बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

समाचार लिखे जाने तक मौलाना जर्जिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि शिकायत का परीक्षण और तथ्यों की जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आवश्यक कानूनी निर्णय लिया जाएगा।

हाल के समय में धार्मिक टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर दिए गए कथित बयानों को लेकर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों की सक्रियता बढ़ी है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर प्राप्त शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर जांच करती है तथा उसके बाद आगे की कार्रवाई करती है।