सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए लखनऊ में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण का विशेष अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य स्तर से निर्धारित 59 हजार किशोरियों के टीकाकरण के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 53,400 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है। यह कुल निर्धारित लक्ष्य का करीब 90.5 प्रतिशत है।
इसी अभियान के तहत मंगलवार को क्वीन मेरी अस्पताल में 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने किया। शिविर में 16 पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस विशेष शिविर में पात्र किशोरियों को एचपीवी टीके की सुविधा दी गई। क्वीन मेरी अस्पताल में आयोजित शिविर को शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिल्वर जुबली के सहयोग से संचालित किया गया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह के अनुसार जनपद में पात्र किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में विशेष शिविर आयोजित कर पात्र आयु वर्ग तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल में आयोजित शिविर के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी में पात्र किशोरियों का टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ऐसे शिविर अभियान के दौरान पात्र लाभार्थियों को टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराने का एक माध्यम हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए तीन माह का विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान अप्रैल से शुरू किया गया था।
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इस अभियान के तहत राज्य की ओर से कुल 59 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 53,400 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है।
निर्धारित लक्ष्य और अब तक हुए टीकाकरण के आंकड़े के बीच करीब 5,600 किशोरियों का अंतर बचा है। विभाग के अनुसार पात्र किशोरियों का टीकाकरण अभियान के तहत आगे भी जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक केवल विशेष शिविरों तक ही टीकाकरण सीमित नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा कार्यदिवसों में पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है।
इस व्यवस्था के जरिए पात्र आयु वर्ग की किशोरियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग ने अभिभावकों से पात्र किशोरियों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर एचपीवी टीकाकरण भविष्य में एचपीवी संक्रमण और इससे होने वाले सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
क्वीन मेरी अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में समय पर टीकाकरण कराने से भविष्य में एचपीवी संक्रमण और इससे संबंधित सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। डॉ. अंजू अग्रवाल ने अभिभावकों से किशोरियों के टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने और निर्धारित समय पर टीका लगवाने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग में आने वाली पात्र किशोरियों का समय से टीकाकरण कराया जाना चाहिए। विभाग की ओर से कार्यदिवसों में स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अभिभावकों को इस अभियान के तहत अपनी पात्र किशोरियों का टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग का फोकस निर्धारित आयु वर्ग की किशोरियों को अभियान के दायरे में लाने पर है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ जनपद में अब तक 53,400 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है। 59 हजार के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में यह आंकड़ा करीब 90.5 प्रतिशत है।
अभियान के तहत बाकी पात्र किशोरियों को भी टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से निर्धारित आयु वर्ग की किशोरियों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील दोहराई है।
क्वीन मेरी अस्पताल में मंगलवार को आयोजित विशेष शिविर के दौरान कुल 16 पात्र किशोरियों का टीकाकरण किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल की संबंधित टीमों ने भाग लिया।
शिविर में उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विनय कुमार, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिल्वर जुबली की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका यादव और उनकी टीम मौजूद रही। इसके अलावा क्वीन मेरी अस्पताल के चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ भी शिविर में उपस्थित रहा।