राजधानी लखनऊ के इंद्रानगर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस पर प्रताड़ना और मारपीट का आरोप लगाते हुए एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित और उसके परिजनों ने इंद्रानगर पुलिस पर मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश और अमानवीय व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
दो दिन तक थाने बुलाने का आरोप
पीड़ित हर्ष तिवारी का आरोप है कि पिछले दो दिनों से उसे लगातार इंद्रानगर थाने बुलाया जा रहा था। वहां उससे पूछताछ के नाम पर दबाव बनाया गया और कथित तौर पर अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। हर्ष का कहना है कि उसने किसी भी गलत कार्य से इनकार किया, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।
हर्ष तिवारी ने आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उसके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की बल्कि सिगरेट से शरीर को दागने जैसी यातनाएं भी दीं। पीड़ित का दावा है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के चलते उसने आत्मदाह जैसा कदम उठाने का प्रयास किया।
पीड़ित का कहना है कि यदि पुलिस ही सुरक्षा देने के बजाय प्रताड़ित करने लगे तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे। उसने आरोप लगाया कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है और लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
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घटना के बाद पीड़ित परिवार ने भी इंद्रानगर पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है। ऐसे में वे पूरे मामले की शिकायत लखनऊ पुलिस आयुक्त से कर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो भविष्य में किसी अन्य नागरिक के साथ भी ऐसी घटना दोहराई जा सकती है।
समाचार लिखे जाने तक इंद्रानगर थाना पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।