गोमती का पानी पहुंचा गांवों तक, डीएम ने मौके पर पहुंचकर राहत व्यवस्था के निर्देश दिए

28 Sep 2026

लखनऊ के इटौंजा तहसील क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा है। स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी विशाख जी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत कर वहां की स्थिति की जानकारी ली। दौरे के दौरान अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य, बिजली, पशु चिकित्सा और राजस्व से जुड़े कार्यों को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी विशाख जी ने इटौंजा तहसील क्षेत्र के गोमती बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों के लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जाए और किसी भी ग्रामीण को समस्या नहीं होनी चाहिए। दौरे के दौरान स्वास्थ्य, विद्युत, पशु चिकित्सा, राजस्व विभाग और खंड विकास अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बाढ़ की स्थिति को लेकर सिंचाई विभाग ने दो दिन बाद पानी घटने की संभावना जताई है। इस बीच प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत से जुड़ी व्यवस्थाओं को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही और ग्रामीणों तक सहायता पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था भी की जा रही है। जिलाधिकारी ने बड़े आकार की अतिरिक्त नावें लगाने के निर्देश दिए हैं।

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प्रशासन के अनुसार लासा, बहादुरपुर और सुल्तानपुर में दो अतिरिक्त नावें चलाई जाएंगी। इन नावों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार आवाजाही और सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को नावों की व्यवस्था प्रभावी तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।

गोमती नदी की बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीमों को लगाया गया है। राजस्व टीम बाढ़ से प्रभावित फसलों का आकलन कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की स्थिति दर्ज की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए पशुपालन विभाग की टीमें भी लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा से संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद रहकर आवश्यक कार्य कर रही हैं।

बाढ़ के बीच स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी विभाग की टीमें सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर क्लोरीन का छिड़काव किया जा रहा है। ग्रामीणों को दवाओं का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य कैंप भी लगाए गए हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को प्रभावित इलाकों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक सेवाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है।

दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने बच्चों की स्थिति और बाढ़ के कारण उनके सामने आ रही परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। चंद्रिका देवी मार्ग पर बच्चों के पानी में उतरने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पानी में स्टंट और तैराकी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य, बिजली, पशु चिकित्सा, राजस्व और विकास विभागों को अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई जारी रखने को कहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।