>लखनऊ नगर निगम के जलकल विभाग में शुक्रवार को आयोजित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों की समन्वय समिति बैठक में वर्षों पुरानी मांगों पर ऐतिहासिक सहमति बनी। सबसे बड़ी बात यह रही कि 1996 से बंद पड़ा ओवरटाइम भुगतान अब ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार किया जाएगा यानी 28 साल बाद कर्मचारियों की जेब में लौटेगा उनका हक़।
>बैठक की अध्यक्षता कर रहे महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि विभागीय कर्मचारियों से जुड़ी 25 महत्वपूर्ण मांगों का समाधान कर दिया गया है।
प्रमोशन, चिकित्सा और पुनर्नियुक्ति पर लिए गए अहम निर्णय
>बैठक में कर्मचारियों ने चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में 20% पदों पर पदोन्नति की मांग रखी, जिसे अधिकारियों और यूनियन की सहमति से जल्द ही शासन को प्रस्तावित किया जाएगा। साथ ही, रिक्त पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी।
>स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति की जाएगी और विदाई समारोह आयोजित कर सम्मानजनक विदाई सुनिश्चित की जाएगी।
>कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी जलकल कर्मचारियों के लिए शीघ्र शुरू की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें अब निजी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा।
इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगी मोहर:
- लेखा संवर्ग में प्रमोशन प्रक्रिया का सरलीकरण
- PSS/अवर अभियंताओं के स्थानांतरण नीति पर स्पष्टता
- कर्मचारियों को ₹5 लाख का बीमा कवर
- कर्मचारी कल्याण निधि का गठन
- विभागीय वाहनों की उपयोगिता और खर्च की समीक्षा
- अनधिकृत आवास कब्जा रोकथाम पर सख्त रुख
- राजस्व वसूली और बजट प्रबंधन की पारदर्शी समीक्षा
>अधिकारियों में सचिव विश्वनाथ, प्रभारी अधिशासी अभियंता संचिन सिंह यादव, वित्त अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह, लेखाधिकारी पंकज कुमार सोती, सहायक लेखा अधिकारी अशोक सिंह शामिल रहे।
>वहीं, कर्मचारी संगठनों की ओर से संयोजक तूफानी, संदीप अवस्थी, मुख्तार अली, शिव शंकर भारती, धर्मपाल पटेल, शैलेश धानुक सहित कई कर्मी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।