राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर-8 में मंगलवार शाम एक सरकारी डॉक्टर की पत्नी घर में मृत मिलीं। घटना की जानकारी उस समय हुई जब उनके पति, जो सीतापुर के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सक हैं, ड्यूटी पूरी कर घर लौटे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद भीतर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद जानकीपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने उसे तोड़कर घर में प्रवेश किया। कमरे के अंदर आशा त्रिपाठी (करीब 42 वर्ष) मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार डॉक्टर अनिल त्रिपाठी जब घर पहुंचे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस को बुलाया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और घर के भीतर प्रवेश किया। प्रारंभिक जांच के दौरान महिला का शव कमरे में मिला। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे घर और घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा वैज्ञानिक तरीके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के पति डॉ. अनिल त्रिपाठी सीतापुर के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सक हैं। घटना के समय वह ड्यूटी पर थे और शाम को घर लौटने के बाद उन्हें इस घटना की जानकारी हुई।
परिजनों के अनुसार दंपति के दो बेटे हैं। इनमें से एक भारतीय सेना में अधिकारी है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और रिश्तेदारों का घर पर आना-जाना लगा हुआ है।
फिलहाल महिला की मौत के कारणों का आधिकारिक रूप से पता नहीं चल सका है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।