राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र में मोबाइल चोरी के शक में 17 वर्षीय किशोर के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक युवकों ने किशोर को उसके घर से जबरन उठाया, कई स्थानों पर ले जाकर बेल्ट, लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा। बेटे को बचाने पहुंची उसकी मां के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, घटना 23 जुलाई की है। परिवार का कहना है कि 17 वर्षीय सूरज अपने परिचित अनुज के साथ गया था। आरोप है कि अनुज ने पहले से चोरी हुआ मोबाइल रेलवे लाइन के पास मिट्टी में छिपाकर रखा था, जिसे बाद में पुलिस सहायता सेवा 112 की मौजूदगी में बरामद कर संबंधित पक्ष को वापस करा दिया गया। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद सूरज पर मोबाइल चोरी का शक जताया गया और उसे निशाना बनाया गया।
परिजनों के अनुसार, पुलिस के लौटने के कुछ देर बाद पांच से दस युवक दो बाइक और एक स्कूटी से पहुंचे। आरोप है कि सभी ने सूरज को जबरन अपने साथ बैठाया और पहले नीम पार्क, फिर सेक्टर-8 स्थित पार्क ले गए। इसके बाद घर के पास भी उसके साथ बेल्ट, लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ युवक किशोर पर बेल्ट से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
पीड़ित की मां का आरोप है कि जब उन्होंने बीच-बचाव कर बेटे को बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उनके सिर में चोट लगी, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। सूचना मिलने पर पुलिस सहायता सेवा 112 मौके पर पहुंची और उन्हें उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनका बेटा 23 जुलाई से 27 जुलाई तक परिवार के संपर्क में नहीं रहा। 27 जुलाई को उसे पुलिस चौकी में पेश किया गया। परिवार का आरोप है कि चौकी में किशोर पर दबाव बनाकर बयान दिलाने की कोशिश की गई और उसे जेल भेजने की धमकी भी दी गई। इस दौरान परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि आरोपित बाद में उनके घर पहुंचे और उनकी बेटी को भी धमकाया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और पीड़ित परिवार के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।