लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र के जुग्गौर इलाके की हृदय बिहार कॉलोनी में शनिवार को दो छोटे बच्चों के गहरे गड्ढे में गिरने की घटना सामने आई। दोनों बच्चे घर से बाहर बाथरूम के लिए निकले थे। इसी दौरान पांडे के घर के पास बने गड्ढे में दोनों जा गिरे। बच्चों के गड्ढे में गिरने की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकालने के लिए राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया।
घटना में छह वर्षीय हर्षित चौरसिया और पांच वर्षीय नंदित तिवारी गड्ढे में गिर गए। दोनों के गिरने की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के लोगों में अफरातफरी की स्थिति बन गई। परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
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मिली जानकारी के मुताबिक, हर्षित चौरसिया और नंदित तिवारी अपने घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान दोनों बच्चे पांडे के घर के पास बने गड्ढे में गिर गए। गड्ढा गहरा होने के कारण घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग वहां एकत्र हो गए।
बच्चों के गड्ढे में गिरने की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर बचाव की कोशिश शुरू की गई। परिजन और आसपास के लोगों ने मिलकर दोनों बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया लेकिन अफ़सोस की हर्षित चौरसिया को परिजन बचा न सके।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आबादी वाले इलाके में गड्ढे को खुला छोड़े जाने पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि खुले गड्ढे बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं, खासकर ऐसे इलाकों में जहां आसपास आवासीय बस्ती हो और लोगों की आवाजाही लगातार होती हो।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढे को सुरक्षित तरीके से ढकना या उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था करना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि खुले गड्ढे को समय रहते सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में भी हादसे की आशंका बनी रह सकती है।