लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में प्रेम विवाह को लेकर रंजिश के बाद एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार भुलई खेड़ा निवासी प्रेमा देवी की हत्या उनके पूर्व पति राजू यादव ने अपने बेटे के साथ मिलकर की। आरोप है कि महिला को बहाने से नहर किनारे बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद राजू यादव ने बांके से उस पर हमला किया। घटना के बाद शव को नहर की पटरी के किनारे छोड़ दिया गया।
पुलिस ने मामले में राजू यादव और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है पुलिस के अनुसार प्रेमा देवी का पहले विवाह सेमरामऊ निवासी राजू यादव के साथ हुआ था। दोनों का एक बेटा भी है। बाद में प्रेमा देवी का करीब तीन वर्ष तक प्रदीप यादव के साथ प्रेम प्रसंग रहा।
दी गई जानकारी के मुताबिक, करीब सात महीने पहले प्रेमा देवी ने गोहरामऊ निवासी मजदूर प्रदीप यादव से प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद वह प्रदीप यादव के साथ रहने लगी थीं। दूसरी शादी के बाद भी प्रेमा देवी अपने पहले पति से हुए बेटे से फोन पर बातचीत करती थीं। पुलिस के अनुसार इसी को लेकर राजू यादव और उसके बेटे के मन में रंजिश थी।
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पुलिस के मुताबिक बुधवार रात प्रेमा देवी को उसके बेटे ने फोन कर नहर के किनारे बुलाया। बताया गया है कि बेटे ने प्रेमा देवी को वहां बुलाने के बाद राजू यादव को इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार राजू यादव पहले से ही नहर के किनारे बांका लेकर मौजूद था। प्रेमा देवी के वहां पहुंचने के बाद राजू यादव और उसके बेटे ने उसे जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद राजू यादव ने बांके से प्रेमा देवी के गले पर कई वार किए। हमले में महिला की मौत हो गई। हत्या के बाद शव को नहर की पटरी के किनारे छोड़कर आरोपी वहां से चले गए।
घटना के अगले दिन गुरुवार सुबह नहर की पटरी के किनारे ग्रामीणों की नजर महिला के शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। महिला की पहचान प्रेमा देवी के रूप में की गई। घटनास्थल की जांच के साथ पुलिस ने हत्या से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया। मामले में पूर्व पति और उसके बेटे की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
काकोरी पुलिस के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के अनुसार प्रेमा देवी का विवाह पहले राजू यादव से हुआ था। बाद में उन्होंने प्रदीप यादव से प्रेम विवाह किया था। पुलिस के अनुसार दूसरी शादी के बाद राजू यादव और उसके बेटे की प्रेमा देवी से रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है। पुलिस मामले में हत्या के घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। घटना से पहले महिला को किस तरह नहर के किनारे बुलाया गया और वारदात के बाद शव को वहां कैसे छोड़ा गया, इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस के मुताबिक प्रेमा देवी के पहले विवाह से उनका एक बेटा था। दूसरे विवाह के बाद भी वह अपने बेटे से फोन पर बातचीत करती थीं। पुलिस का कहना है कि पूर्व पति और उसका बेटा प्रेमा देवी के दूसरे विवाह से नाराज थे। इसी वजह से दोनों के बीच रंजिश की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस के अनुसार इसी रंजिश को हत्या की वजह माना जा रहा है। हालांकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर की जा रही है।
पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रेमा देवी का पहले राजू यादव से विवाह हुआ था। इसके बाद दोनों के संबंधों में दूरी आई और प्रेमा देवी ने प्रदीप यादव से प्रेम विवाह कर लिया। करीब सात महीने पहले हुए इस विवाह के बाद वह प्रदीप यादव के साथ रहने लगी थीं। इस दौरान वह अपने पहले पति से हुए बेटे से भी फोन पर बात करती थीं।
बुधवार रात बेटे के माध्यम से उन्हें नहर किनारे बुलाए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि वहां राजू यादव पहले से मौजूद था। प्रेमा देवी के पहुंचने के बाद उन पर बांके से हमला किया गया। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने नहर की पटरी के किनारे शव देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में पूर्व पति तथा उसके बेटे को गिरफ्तार किया।