>नगर निगम प्रशासन द्वारा राजधानी लखनऊ में लाइसेंस शुल्क व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारियों के विरोध में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को महापौर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इस प्रस्तावित व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग की है।
>लाइसेंस शुल्क व्यवस्था लागू किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद राजधानी के व्यापारियों और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियों में असंतोष देखा गया। प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने लालबाग स्थित नगर निगम कार्यालय में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।
>ज्ञापन में बताया गया कि पिछले वर्ष भी नगर निगम द्वारा लाइसेंस शुल्क व्यवस्था प्रस्तावित की गई थी, जिसका व्यापारियों ने विरोध किया था। इस संबंध में व्यापारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और महापौर से मिलकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उस समय महापौर द्वारा राजधानी में लाइसेंस शुल्क व्यवस्था लागू न करने का आश्वासन दिया गया था।
>व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि एक वर्ष बाद पुनः समाचार पत्रों के माध्यम से इस व्यवस्था को लागू किए जाने के प्रयास की जानकारी मिल रही है। संगठन का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद किसी अतिरिक्त शुल्क या कर का प्रस्ताव अनुचित है और जीएसटी की मूल अवधारणा के विपरीत है।
>प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, राजधानी का व्यापारी लाइसेंस शुल्क व्यवस्था को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगा। आवश्यकता पड़ने पर लखनऊ की बाजारें बंद कर विरोध किया जाएगा।
>महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन और व्यापार मंडल के बीच शीघ्र बैठक आयोजित कर स्थायी और समुचित समाधान निकाला जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर निगम और व्यापार मंडल के बीच प्रस्तावित बैठक के बाद आगे की कार्यवाही तय होने की संभावना है।