लखनऊ में दोस्तों के साथ बैठकर खेला जा रहा एक खेल अचानक हिंसक विवाद में बदल गया। मामला इतना बढ़ा कि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और परिजनों को सूचना दी गई। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस की भूमिका और घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी को लेकर सवाल उठाए हैं।
मृतक की पहचान सीतापुर के गैरोली निवासी राहुल अवस्थी उर्फ अभिषेक कुमार अवस्थी (32) के रूप में हुई है। घटना अलीगंज क्षेत्र में पुरनिया पुल के नीचे की है। पुलिस के अनुसार, लूडो खेलने के दौरान हुए विवाद में राहुल के साथी प्रदीप ने उन पर कैंची से हमला किया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5:51 बजे पुरनिया पुल के नीचे कुछ युवक लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान उनके बीच विवाद शुरू हो गया। स्थानीय व्यक्ति सलीम ने बताया कि पुल के नीचे कुछ युवक लूडो खेल रहे थे और शराब भी पी रहे थे। इसी दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ और मारपीट की स्थिति बन गई। सलीम के अनुसार, विवाद के बाद तीन से चार लोग वहां से चले गए। इसके बाद घटनास्थल पर एक युवक खून से लथपथ पड़ा दिखाई दिया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल अपने साथी प्रदीप और कुछ अन्य युवकों के साथ लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार, झगड़ा बढ़ने पर प्रदीप पास में फुटपाथ पर लगी मालिश की दुकान से कैंची लेकर आया। उसने राहुल के सीने और पेट पर कई वार किए। हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। इसके बाद प्रदीप मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक की पहचान कर परिजनों को जानकारी दी गई।
घटनास्थल अलीगंज और मड़ियांव थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित है। इसी वजह से वारदात की जानकारी मिलने पर दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्र ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। आरोपी प्रदीप मड़ियांव पुल के पास मुर्गी फार्म के निकट रहता है।
पुलिस की ओर से जारी के अनुसार, घायल राहुल अवस्थी को पुलिस तत्काल वाघा अस्पताल लेकर गई थी। वहां से परिजन उन्हें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ले गए। उपचार के दौरान राहुल की मौत हो गई। वहीं, परिजनों का कहना है कि वे घटनास्थल पर पहुंचे तो राहुल गंभीर हालत में थे। उनके मौसेरे भाई शिवम के अनुसार, परिवार के लोग राहुल को किराये के ऑटो से केजीएमयू लेकर गए थे। परिजनों के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया।
राहुल के मौसेरे भाई शिवम ने घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी मौके पर केवल स्थिति देखते रहे और एंबुलेंस नहीं बुलाई गई। शिवम के अनुसार, उस समय राहुल घायल अवस्था में पड़े थे और उनके शरीर से खून निकल रहा था। परिजनों का कहना है कि वे स्वयं किराये के ऑटो से राहुल को अस्पताल लेकर गए। हालांकि, पुलिस के अनुसार घायल को तत्काल वाघा अस्पताल ले जाने की जानकारी दी गई है। इस तरह अस्पताल पहुंचाने को लेकर पुलिस के आधिकारिक विवरण और परिजनों के बयान में अंतर सामने आया है।
मृतक राहुल अवस्थी सीतापुर जिले के गैरोली के निवासी थे। उनके मौसेरे भाई शिवम ने बताया कि राहुल की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। उनका चार साल का एक बेटा है। राहुल की मौत के बाद परिवार में शोक है। घटना के संबंध में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को लेकर अपनी शिकायतें रखी हैं।