लखनऊ पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्रवाई में मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी सीतापुर जनपद के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, तीन की-पैड मोबाइल, ₹8,358 नकद, बैंक डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य व्यस्त इलाकों में लोगों के मोबाइल चोरी करते थे। इसके बाद मोबाइल में मौजूद सिम कार्ड के जरिए UPI, UPI Lite और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय कर पीड़ितों के बैंक खातों से रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लेते थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने महिगवां थाना क्षेत्र में करीब ₹3.91 लाख तथा बीकेटी क्षेत्र में लगभग ₹4.28 लाख की साइबर ठगी करना स्वीकार किया है।
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पुलिस के अनुसार, ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सबूत मिटाने के उद्देश्य से चोरी किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे, ताकि उनकी पहचान और गतिविधियों का पता न चल सके।
लखनऊ पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मोबाइल चोरी के जरिए साइबर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।