लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के एक कथित विवादित बयान ने बीते दिनों प्रदेश की राजनीति में तीखी हलचल पैदा कर दी थी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की दिवंगत मां को लेकर टिप्पणी के आरोपों के बाद यह मामला लगातार तूल पकड़ता गया विरोध प्रदर्शन हुए, सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए और नगर निगम तक इसका असर दिखा। इसी विवाद के बीच अब मेयर का नया बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला : दरअसल, मेयर सुषमा खर्कवाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने अखिलेश यादव की दिवंगत मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस आरोप के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और मेयर के आवास तक पहुंचकर प्रदर्शन किया। मामला यहीं नहीं रुका राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई और विपक्ष ने इसे सार्वजनिक मर्यादा से जोड़ते हुए मुद्दा बनाया।
नगर निगम सत्र में पहुंचा मामला: गुरुवार को लखनऊ नगर निगम में विशेष सत्र बुलाया गया, जहां लोकसभा में तीन विधेयकों के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाया गया। कुल 119 पार्षदों में से 93 ने प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि, सत्र के दौरान मेयर के कथित बयान को लेकर हंगामा हुआ और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सत्र समाप्त होने के बाद मेयर सुषमा खर्कवाल ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरे भाई अखिलेश ने मेरे बारे में जो कहा है, मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि मैं एक सैनिक की पत्नी और एक सैनिक की बेटी हूं। मुझे अनुशासन का पूरा ज्ञान है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ में राजनीतिक माहौल लगातार गरम बना हुआ है। एक ओर जहां विपक्ष मेयर के बयान को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से सफाई और जवाबी बयान सामने आ रहे हैं।