लखनऊ, उत्तर प्रदेश: निगोहां थाना क्षेत्र के ग्राम राजाराम खेड़ा में मोबाइल की किश्त को लेकर एक मजदूर को घर से ले जाकर पांच दिन तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। पीड़ित की मां जदुराई पत्नी शिवलाल ने पुलिस से शिकायत कर एक फाइनेंसर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि युवक को मोबाइल की किश्त न चुकाने के चलते फाइनेंसर शुभम सिंह अपने साथ ले गया। इसके बाद वह कई दिनों तक घर वापस नहीं लौटा। करीब पांच दिन बाद युवक के घर लौटने पर परिवार ने उसके साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी।
पीड़ित की मां के मुताबिक, शुभम सिंह नाम का व्यक्ति शाम करीब चार बजे स्कूटी से उनके घर आया था। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में स्कूटी का नंबर यूपी32आरएल8613 बताया है। मां का आरोप है कि शुभम सिंह उनके बेटे को अपने साथ लेकर चला गया। युवक के घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हुए। परिवार के अनुसार, बाद में उन्हें युवक के एक मकान में रखे जाने की जानकारी मिली।
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परिवार का आरोप है कि युवक को करीब पांच दिन तक एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उससे जबरन काम कराया गया। परिजनों के मुताबिक, घर लौटने के बाद युवक ने उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद उसकी मां और भाई ने निगोहां थाने में शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, युवक को कहां रखा गया था और इस दौरान उसके साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार ने युवक के साथ गंभीर मारपीट के अलावा उसके शरीर से जबरन करीब एक यूनिट खून निकलवाने का भी आरोप लगाया है। यह आरोप भी पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। युवक की मेडिकल जांच और पुलिस की जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि युवक को बंधक बनाए जाने के दौरान परिजनों को फोन किया गया और उन्हें धमकाया गया। आरोप के मुताबिक, इसके बाद परिवार से 2799 रुपये एक खाते में ट्रांसफर कराए गए। परिवार का कहना है कि रकम ट्रांसफर किए जाने के बावजूद युवक को तत्काल घर नहीं भेजा गया और वह करीब पांच दिन तक वापस नहीं लौटा। पुलिस शिकायत में परिवार ने इस लेनदेन को भी पूरे मामले की जांच के दौरान शामिल करने की मांग की है।
पीड़ित की मां और भाई का दावा है कि करीब पांच दिन बाद युवक को रैपिडो के माध्यम से घर भेजा गया। घर पहुंचने के बाद युवक ने परिजनों को अपने साथ हुई घटनाओं की जानकारी दी। परिवार ने इसके बाद निगोहां पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
पीड़ित की मां जदुराई ने शिकायत के माध्यम से पुलिस से बेटे को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी, लेकिन उन्हें मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखाई दी। परिजनों ने फाइनेंसर और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।
उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि या मामले में दर्ज की गई धाराओं की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में युवक को बंधक बनाए जाने, मारपीट, जबरन खून निकलवाने और रकम ट्रांसफर कराने से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले में युवक के बयान, मेडिकल परीक्षण, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और उसे ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई स्कूटी समेत अन्य तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। परिवार ने स्कूटी का नंबर यूपी32आरएल8613 बताया है। इसी तरह, 2799 रुपये के बैंक ट्रांसफर से जुड़े विवरण भी मामले की जांच का हिस्सा हो सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार ने इस रकम को भी शिकायत में शामिल किया है।