लखनऊ में 30 मई को खुलेगी नौसेना शौर्य वाटिका, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे लोकार्पण

29 May 2026

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तैयार की गई ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण 30 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। सीजी सिटी में विकसित यह परियोजना भारतीय नौसेना की वीरता, पराक्रम और तकनीकी उपलब्धियों को समर्पित है। राज्य सरकार इसे प्रदेशवासियों के लिए एक विशेष सौगात के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना शौर्य वाटिका भारतीय नौसेना के वीर सैनिकों को समर्पित श्रद्धांजलि स्थल है। उनके अनुसार यह संग्रहालय भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनने के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले आगंतुक भारतीय नौसेना के कर्तव्य और पराक्रम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

 

जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना शौर्य वाटिका राजधानी लखनऊ के पर्यटन मानचित्र पर एक नए गंतव्य के रूप में स्थापित होगी। भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से विकसित यह परियोजना अत्याधुनिक ओपन एयर म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि यहां स्थापित भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती पर्यटकों और दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। यह युद्धपोत 28 मई 2022 को भारतीय नौसेना की सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था।

 

नौसेना शौर्य वाटिका में आईएनएस गोमती के अलावा नौसेना से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपकरण और संरचनाएं भी प्रदर्शित की गई हैं। इनमें एंकर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर विद आरजे, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से आगंतुक भारतीय नौसेना के संचालन, तकनीकी क्षमता और समुद्री सुरक्षा तंत्र की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

 

पर्यटन मंत्री के अनुसार आने वाले समय में नौसेना शौर्य वाटिका देश के प्रमुख सैन्य पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकती है। यहां पर्यटक भारतीय नौसेना के इतिहास, विभिन्न युद्ध अभियानों, तकनीकी दक्षता और समुद्री सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझ सकेंगे। साथ ही यह स्थल बच्चों और युवाओं को रक्षा सेवाओं के प्रति जागरूक करने तथा भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।