लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे। इन पर उनकी मांगों और संदेशों को लिखा गया था। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने कहा, “आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए पोस्टरों में “हमें हमारा अधिकार चाहिए, हम किसी से भीख नहीं मांगते” जैसे संदेश भी लिखे थे। पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मानदेय में बढ़ोतरी शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान ₹6,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह करने की मांग रखी।
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पंचायत सहायकों का कहना है कि उनकी मांगों में केवल मानदेय बढ़ाना ही शामिल नहीं है। उन्होंने सेवा को स्थायी करने की मांग भी उठाई है। प्रदर्शन के दौरान स्थायीकरण को प्रमुख मांगों में शामिल किया गया। इसके अलावा पंचायत सहायकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग भी रखी। प्रदर्शन में इन मांगों को लेकर नारेबाजी की गई और पोस्टर-बैनर के माध्यम से अपनी बात रखी गई।
पंचायत सहायकों की ओर से प्रदर्शन में स्थायीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी सेवा को स्थायी करने की मांग की। मानदेय और स्थायीकरण के अलावा समान काम के लिए समान वेतन समेत कई अन्य मांगों को लेकर भी पंचायत सहायकों ने आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान इन मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।
हजरतगंज चौराहे पर हुए प्रदर्शन में पंचायत सहायक पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। इन पोस्टरों पर उनके अधिकार और मांगों से जुड़े संदेश लिखे गए थे। “आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए” का संदेश प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से सामने आया। वहीं एक अन्य पोस्टर पर “हमें हमारा अधिकार चाहिए, हम किसी से भीख नहीं मांगते” लिखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने इन संदेशों के जरिए अपनी मांगों को सामने रखा और मानदेय बढ़ाने, स्थायीकरण तथा समान काम के लिए समान वेतन की मांग की।
हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए पंचायत सहायकों को ईको गार्डन भेजा गया। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें ईको गार्डन ले जाने की कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में पंचायत सहायकों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों की ओर से कई मांगें उठाई गईं। इनमें मुख्य रूप से:
- पंचायत सहायकों का स्थायीकरण किया जाए।
- मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए।
- समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
- मानदेय और सेवा से जुड़ी अन्य मांगों पर कार्रवाई की जाए।
इन मांगों को लेकर पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन की ओर से हजरतगंज में प्रदर्शन किया गया।
पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में मानदेय बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई। वर्तमान ₹6,000 मानदेय को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग की गई है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने स्थायीकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और पोस्टर-बैनर के जरिए अपनी बात रखी।
हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें ईको गार्डन भेजा गया। उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए पंचायत सहायकों की संख्या या पुलिस की ओर से किसी विस्तृत बयान की जानकारी नहीं दी गई है।