यदि आप लखनऊ जिले के सदर चिनहट तहसील में अपने सपनों का घर खरीदने जा रहे है तो सावधान हो जाइये क्यूंकि चिनहट थाना क्षेत्र में आवास संघ और सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी का निर्माण क्या जा रहा है चाहे वो जमीन आवास संघ की हो या फिर नगर निगम या फिर सिचाई विभाग या अन्य किसी सरकारी योजना की भू माफिया पूरी प्लानिंग के साथ खरीददारों को जानकारी के आभाव में सरकारी जमीन पर बनायीं इन अवैध कॉलोनी को दिखा कर रजिस्ट्री किसी और गाटा संख्या में करवा कर कब्ज़ा सरकारी जमीन पर दिलवा रहे है एनडीवी टुडे लगातार इस षड़यंत्र को एक्सपोज़ कर रहा है और इस ही कड़ी में एक और अवैध कॉलोनी का मामला सामने आया है जहां पंचवटी कॉलोनी फेज थ्री नाम से अवैध कॉलोनी का निर्माण सरकारी जमीन पर किया जा रहा है पंचवटी कॉलोनी के दो फेज के साथ ही लगी हुई आवास संघ और सरकारी जमीन पर पंचवटी कॉलोनी का नाम इस्तेमाल कर बिना किसी बिल्डर फर्म रजिस्ट्रेशन के भू माफिया धड़ल्ले से मकान बेच रहे है ।
ये कॉलोनी आवास संघ और सरकारी जमीन पर बसाई जा रही है और लोगों को सोशल मीडिया के जरिये इसका प्रचार किया जा रहा है जहाँ इस कॉलोनी को पूर्ण रूप से वैध और नगर निगम के द्वारा एप्रूव्ड बताया जा रहा है साथ ही खरीददारों के आगे झूठा प्रचार किया जा रहा है की पंचवटी कॉलोनी के २ फेज इन ही भू माफिया द्वारा पूरे किये जा चुके है और ये तीसरा फेज है जिसका निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है और भोले भाले लोगों को झूठी ब्रांडिंग के जरिये अपना शिकार बनाया जा रहा है






आपको बता दे की ये भू माफिया ब्रोकर, सोशल मीडिया प्रमोशन के जरिये खुले आम एक बिल्डर की तरह पूरी कॉलोनी कंस्ट्रक्ट कर इन मकानों को बेच रहे है एनडीवी टुडे की टीम ने जब पड़ताल की तो पता चला की भू माफिया खुद सामने नहीं आकर अपने गुर्गों सामने रख कर भोले भाले लोगों के साथ ठगी कर रहे है ऐसे ही इस पंचवटी फेज थ्री के लिए भी किया जा रहा है जहा इस जमीन को किसान से एग्रीमेंट करवा कर अनूप कुमार वर्मा द्वारा किसी और गाटा संख्या में रजिस्ट्री करके सकरारी जमीन पर कब्ज़ा दिलवाया जा रहा है ये भू माफिया सिर्फ इस ही कॉलोनी में ऐसा कर रहे है ये नहीं है बल्कि ये इनका पुराना खेल है जो कई सालों से खेला जा रहा है और इस ही वजह से कुछ साल पहले चिनहट थाने में एक एफआईआर भी हुई थी जहा कानून के हाथ किसानो के गले तक पहुंचे लेकिन असली खिलाड़ी परदे के पीछे ही छुपे रह गए
कमता चौकी से थोड़ी ही दूरी पर बस रही इस अवैध कॉलोनी में कई लोगों को ठगा जा रहा है और यही सरकारी अमले के अधिकारीयों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल भी खड़ा करता है की कैसे ये भू माफिया बुलंद होसंले के साथ योगी सरकार की जीरो टोलेरेंस निती को भी मात देने में कामयाब हो रहे है। स्थानीय लोगों की कई शिकायत पर भी जिम्मेदार अधिकारी कोई एक्शन नहीं लेते है ये अधिकारी सिर्फ अपनी कालर बचाने के लिए चिनहट थाना पर एक एप्लीकेशन भेजकर अपनी नौकरी सुरक्षित करने के बाद कभी उस जमीन पर आकर देखना भी पसंद नहीं करते है। शायद इसलिए क्यूंकि उनको उनका हिस्सा समय समय पर ये भू माफिया पहुंचा देते है ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्यूंकि ये आरोप स्थानीय लोगों का है की इस खेल में अनूप वर्मा के सरगना के ऊपर कई बड़े अधिकारीयों का हाथ है जिस कारण चिनहट थाना पर इन भू माफिया की शिकायत जाए तो भी एफआईआर नहीं होती है और न ही नगर निगम, तहसीलदार, आवास संघ या अन्य किसी विभाग के अधिकारी के द्वारा कभी कोई कार्यवाही होती नजर आती है
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है की हाल ही में चिनहट थाना के एक पुलिसकर्मी ने इस षड़यंत्र के खिलाफ आवाज उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारीयों को कई भू माफिया के नाम और गाटा संख्या के साथ बनायीं जा रही अवैध कॉलोनी के खिलाफ लिखीत शिकायत भी की लेकिन शिकायत का जवाब देना तो दूर बल्कि जिम्मेदारों ने उस पुलिसकर्मी का कई रोज तक फ़ोन तक उठाना भी उचित नहीं समझा अब सवाल ये है की इस तरह से बसाई जा रही अवैध कॉलोनी के खिलाफ क्या प्रशाशन कोई सख्त कदम उठाएगा क्यूंकि अनूप वर्मा और उनके सरगना जैसे भू माफिया न सिर्फ लोगों को धोका दे रहे है बल्कि सरकार को भी बहुत बड़ा नुक्सान पहुंचा रहे है